लोकसभा और राज्यसभा में असहिष्णुता जैसे मुद्दे को लेकर जारी गतिरोध की वजह से कई अहम बिल लटके हुए हैं। इनमें जीएसटी और भूमि अधिग्रहण जैसे अहम बिल शामिल हैं जिसे संसद की संयुक्त कमेटी के समक्ष रखा गया है।
इन दो बिलों के अलावा व्हिसल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन) बिल, बेनामी लेनदेन प्रतिषेध (संशोधन) बिल, उपभोक्ता संरक्षण बिल, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जज (वेतन और सेवाओं की दशाएं) संशोधन बिल, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन), चेक बाउंस से निपटने के लिए द नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (संशोधन) बिल 2015, द कमर्शियल डिविजन एंड कमर्शियल अपीलेट डिविजन बिल, आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन (संशोधन), 2015 शामिल है।
लंबित बिलों में से आठ बिल लोकसभा और 11 बिल राज्यसभा में लंबित पड़े हुए हैं। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि इन बिलों की इस शीतसत्र में पारित न होने दिया जाए। इस के लिए वह अपनी ओर से पूरी कोशिश भी कर रही है लेकिन सरकार अपनी ओर से इन बिलों को इसी सत्र में पास करवाने की कोशिश में लगी हुई है।