धर्मांतरण पर भाजपा नेताओं के विवादित बोल ने मोदी सरकार के सहयोगियों की बेचैनी बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बाद अब दूसरे केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी इस मामले में सरकार और भाजपा को सचेत किया है।
कुशवाहा ने जहां रामविलास की तर्ज पर धर्मांतरण विरोधी कानून की जरूरत से ही इनकार किया है। वहीं, यह भी कहा है कि विवादित टिप्पणियों के कारण राजग की संभावनाओं को भी नुकसान पहुंच रहा है।
कुशवाहा ने पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में भारी भीड़ जुटने के बाद भी कश्मीर घाटी में एक भी सीट न मिलने के लिए इन विवादित बयानों को जिम्मेदार ठहराया है।
इसके साथ ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर विवादित टिप्पणियां जारी रहीं तो दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी की नाराजगी जताने के बावजूद जहां पार्टी नेताओं और सांसदों की ओर से विवादित टिप्पणियां जारी हैं, वहीं संघ परिवार का मुख्य घटक विहिप धर्मांतरण के मुद्दे पर लगातार आक्रामक तेवर अपनाए हुए है।
कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार और प्रधानमंत्री का मुख्य एजेंडा विकास है। मगर धर्मांतरण सहित अन्य मुद्दों पर विवादित बयानों के कारण विकास के मुद्दे से ध्यान हट रहा है।
उन्होंने कहा कि विवादित टिप्पणियों और कारगुजारियों के इतर पीएम मोदी को विकास के एजेंडे पर काम करने दिया जाना चाहिए।