रसोई गैस डिस्ट्रीब्यूटरों का सुस्त और गैरजिम्मेदाराना रवैया अब उन्हें महंगा पड़ सकता है। क्योंकि तेल कंपनियां जल्द ही देश के 30 चुनिंदा शहरों में एलपीजी पोर्टेबिलिटी की सुविधा ग्राहकों को देने जा रही हैं।
यानी उपभोक्ता बिना किसी झंझट के अपने इलाके में एलपीजी वितरक को बदल सकेंगे। यही नहीं खराब रिकॉर्ड रखने वाले डीलरों को डीलरशिप से हाथ धोने तक की नौबत आ सकती है।
यह सुविधा शुरू करने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी के निदेशक (मार्केटिंग) ए नेने ने बताया कि पायलट तौर पर चंडीगढ़ में शुरू की गई इस योजना की सफलता को देखते हुए इस वर्ष 30 शहरों में एलपीजी पोर्टेबिलिटी की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए उपभोक्ता घर बैठे ही वेब पोर्टल पर आवेदन कर अपने इलाके में दूसरे वितरक के यहां उपभोक्ता संख्या दर्ज करा सकेंगे। हालांकि बेहतर सुविधा के लिए फिलहाल कंपनी बदलने की सुविधा उन्हें नहीं मिलेगी।
नेने ने कहा कि तीनों सरकारी कंपनियों के गैस सिलेंडर एक समान नहीं होने के कारण अभी उपभोक्ताओं को कंपनी बदलने का विकल्प नहीं दिया जा सकता।
यानी अभी इंडेन का उपभोक्ता भारत गैस के डीलर से यह सुविधा नहीं प्राप्त कर सकता है। ऐसा करने पर कंपनियों के लिए एलपीजी रि-फिल करना मुश्किल होगा। लेकिन भविष्य में इस तरह की सुविधा भी शुरू हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से उपभोक्ताओं को लाभ मिलने के साथ डीलरों पर भी अपना प्रदर्शन बेहतर करने का दबाव बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि डीलरों की रेटिंग लंबे समय तक खराब रहने पर उनकी डिस्ट्रीब्यूटरशिप रद्द करने का प्रावधान भी किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में रोजाना 30 लाख से ज्यादा रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलवरी होती है।