उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण के क्षेत्र में लगे श्रमिकों को भी अब पेंशन मिलेगी। इसके लिए श्रम विभाग ने एलआईसी से अनुबंध किया है। भवन निर्माण पर लगने वाले सेस (टैक्स) की रकम से प्रति मजदूर एक हजार रुपये दिए जाएंगे और एक हजार रुपये केंद्र सरकार भी देगी। इस तरह दो हजार रुपये सालाना प्रीमियम बीमा निगम में जमा होगा। वहीं से मजदूरों को पेंशन मिलेगी। इसके लिए मजदूरों को श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
उप श्रमायुक्त वीरेंद्र यादव ने बताया कि पेंशन योजना के मुताबिक, 18 से 55 साल तक की उम्र के श्रमिकों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ दिया जायेगा। श्रमिक को भवन निर्माण के काम में लगातार 90 दिन काम करने का अनुभव होना जरूरी है और सिर्फ श्रम विभाग में रजिस्टर्ड मजदूर ही इसका लाभ ले पायेंगे।
श्रम विभाग के संसाधन अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि अनुमानित तौर पर श्रमिकों को 1000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। योजना शुरू होने के बाद अगर बीच में किसी कारणवश श्रमिक का प्रीमियम नहीं जमा हो पाता है तो उसे तब तक का जमा पैसा ब्याज समेत दिया जायेगा। अब तक 13 हजार मजदूर इस योजना में रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
रजिस्ट्रेशन का लाभ
-श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पांच के बाद पढ़ाई के लिए हर साल 4000 रुपये सालाना दिया जायेगा, जो कक्षा के हिसाब से बढ़ता जायेगा। इसके लिए श्रमिकों को श्रम विभाग में बच्चों की मार्कशीट लेकर आनी होगा।
-श्रमिक महिलाओं को अगर बेटा पैदा होता है तो सालाना 3000 रुपये और बेटी होने पर 4000 रुपये सालाना दिया जाएगा। यह रकम दो साल तक दी जाएगी।
-प्रसव के बाद महिला को अपने स्वास्थ्य के देखरेख के लिए 3000 रुपये सालाना मिलेगा।
-प्रसव के लिए महिला को 15 दिन की छुट्टी मिलेगी। साथ ही इस अवधि की मजदूरी भी दी जाएगी।
-कोई भी श्रमिक अगर आईटीआई करना चाहता है, तो उसे कोर्स की फीस और मजदूरी दी जायेगी।
-रजिस्टर्ड श्रमिक को पूरे देश में इलाज का पैसा दिया जायेगा।