हयातनगर की मस्जिद में आग लगाने और पवित्र पुस्तक जलाने के बाद शुक्रवार तड़के शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हालात उस समय बिगड़ गए जब कुछ युवकों ने पूर्व सपा जिलाध्यक्ष की गाड़ी पर पथराव कर दिया, इससे अफरातफरी मच गई।
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भीड़ के जाम लगाने, पथराव और फायरिंग करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दाग कर उन्हें तितर-बितर कर दिया।
बवाल की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर घटनास्थल पर पहुंच गए। इधर, शहर में दहशत होने पर आनन-फानन में बाजार बंद हो गए।
गुरुवार से शुरू हुआ संभल में बवाल
गुरुवार को पूरे जिले में हयातनगर की घटना के विरोध में बवाल हुआ था। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकालने या फिर ज्ञापन आदि देने की योजना के दौरान बवाल की आशंका जताई जा रही थी।
इसके मद्देनजर सुबह से ही आरएएफ, पीएसी, पुलिस को लेकर डीएम और एसपी ने रूट मार्च करना शुरू कर दिया। शहर की सभी प्रमुख मस्जिदों और दर्जनभर से अधिक संवेदनशील जगहों पर फोर्स तैनात कर दी गई।
हयातनगर में दादा रहीमुल्लाह की दरगाह वाली मस्जिद में नमाज के बाद जब पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां लौट रहे थे। उनकी ओर से की गई शांति व्यवस्था और चंदे की तकरीर से नाराज कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया। इसके बाद माहौल बिगड़ गया।
आक्रोशित लोगों ने फिर किया प्रदर्शन
आक्रोशित लोगों ने हयातनगर बिजलीघर के सामने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू दिया। इस बीच पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भागते हुए लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों के घरों पर भी पत्थर फेंके।
हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें खदेड़ दिया। दहशत के माहौल में लोग घरों में कैद हो गए और बाजार बंद हो गए। डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी पीयूष श्रीवास्तव मय फोर्स के मौके पर डट गए।
कमिश्नर ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट
संभल में जो भी हुआ वह एक साजिश के तहत किया गया। हालात बिगाड़ने को ही आग लगाई गई। कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते रहे। अफसरों को भी कुछ गलत सूचनाएं दी गईं। पुलिस ने कुछ नंबरों को भी ट्रेस किया है जिनसे अफवाहें फैलाई गईं हैं। मंडलायुक्त शिवशंकर सिंह ने यह रिपोर्ट शुक्रवार को शासन में भेज दी है।
बुधवार को हयातनगर क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल में आग लगा दी गई थी। इस आग में पवित्र पुस्तक भी जल गई। इससे भड़के लोग सड़कों पर आ गए और जमकर बवाल किया। रोड जाम कर दी। पुलिस पर पथराव किया। गाड़ियां तोड़ डालीं। स्थिति ऐसी बनी कि संभालते नहीं संभल रही थी। मंडलायुक्त शिवशंकर सिंह और डीआईजी गुलाब सिंह वहां डेरा जमाए रहे। मुरादाबाद और अमरोहा से भी पुलिस फोर्स कॉल की गई थी। पीएसी और आरएएफ को भी यहां लगाया गया था। स्थिति शुक्रवार की दोपहर तक भी बिगड़ी रही मगर शाम होते होते कंट्रोल कर ली गई थी।
मंडलायुक्त शिवशंकर सिंह ने भी आज शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आग जानबूझकर लगाई गई है। मौके पर जिस तरह से साक्ष्य मिल रहे हैं उससे यह साफ हो गया है। इसकी पीछे मंशा केवल संभल का माहौल बिगाड़ने की ही थी। जिस तरह से अफवाहें फैलाईं जा रही थीं उससे आसपास के इलाकों को भी प्रभावित किया जा सकता था। लोगों को लड़ाने की पूरी कोशिश की गई है। मंडलायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि संभल के साथ ही मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर और बिजनौर में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
गृह मंत्रालय ने तलब की संभल प्रकरण की रिपोर्ट
संभल प्रकरण पर केंद्रीय गृह मंत्रालय पैनी नजर रखे हुए है। शुक्रवार को सांसद एडवोकेट सत्यपाल सैनी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए ताजा हालात बताए। जिसके बाद गृह मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी वीके सिंह को इस मामले में पुलिस एक्शन की मानीटरिंग करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस बीच प्रशासन ने शुक्रवार को संभल जाने की कोशिश कर रहे सांसद को रोक दिया।
सांसद सत्यपाल सैनी ने शुक्रवार को गृह मंत्री को बताया कि संभल में अतिरिक्त फोर्स और पीएसी की जरूरत है क्योंकि एक वर्ग खुद को डरा सहमा महसूस कर रहा है। उन्होंने कुछ लोगों के पलायन कर जाने और आतंकित होने के बारे में भी गृह मंत्री को बताया। इसके बाद गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव वीके सिंह ने सांसद से बात की और बताया कि गृह मंत्रालय संभल की स्थितियों पर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए बारीकी से नजर रखे हुए है।
जिला प्रशासन से भी रिपोर्ट तलब की गई है और जिला प्रशासन ने प्राथमिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को उपलब्ध भी कराई है। मामले में गृह मंत्रालय के सक्रिय होने के बाद जिलाधिकारी संभल कर्ण सिंह चौहान और एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने सांसद को शुक्रवार को ताजा हालात के बारे में दो बार रिपोर्ट दी। इस बीच शुक्रवार को संभल जाने के लिए निकले सांसद को प्रशासन ने रोक दिया। सांसद का कहना है कि वो क्षेत्र में जाना चाहते थे लेकिन डीएम ओर एसपी ने उनके फिलहाल संभल आने पर रोक लगा दी है। सांसद का कहना है कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
हयातनगर में जाम के दौरान उपद्रव की सूचनाओं से शहर में सन्नाटा पसर गया। दो दिनों में बाजार बंदी और दहशत के माहौल ने करीब बीस करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। संभल-सरायतरीन में सन्नाटा पसरा है। सुबह से ही सड़कों पर पुलिस पीएसी आरएएफ का ही कब्जा था। फिर भी संभल में दस बजे के बाद कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली तो माहौल सामान्य होने की ओर बढ़ा, हालांकि अधिकांश दुकानें बंद ही थी।
पुलिस की तरह लोगों को भी यही भय सता रहा था कि जुमे की नमाज के बाद शहर का माहौल खराब हो सकता है लेकिन जामा मस्जिद के सदर चौधरी अशरफ अली खां, मौलाना रैयान अशरफ, मौलाना नईम अशरफ, मौलाना मोईन अशरफ आदि शहर के उलमा-ए-दीन ने इन आशंकाओं को गलत साबित करते हुए अमनोअमान के लिए दुआ की।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील के साथ सभी को घरों को भेज दिया। लेकिन हयातनगर में उपद्रव की खबर ने शांति व्यवस्था के प्रयासों पर पानी फेरते हुए माहौल को खराब करने की कोशिश की। खबर मिलते ही दुकानदारों ने धड़ाधड़ शटर गिरा दिए। बाजार में सन्नाटा पसर गया। मैंथा बाजार दूसरे दिन भी लगातार बंद रहा, क्योंकि बाहर के किसान व व्यापारी शहर आए ही नहीं। चाय व ढाबे तक बंद रहे। व्यापारी नेताओं का अनुमान है कि बाजार को दो दिनों में करीब बीस करोड़ रुपये के कारोबार प्रभावित हुआ है।