लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा को स्टार प्रचारक के तौर पर उतारने का दबाव कांग्रेस हाईकमान पर लगातार बनाया जा रहा है। लाख इनकार के बावजूद हाईकमान से प्रियंका को देश के कई राज्यों में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार के लिए उतारने की मांग की जा रही है।
मगर कांग्रेस प्रियंका को रायबरेली और अमेठी के बाहर कहीं और चुनाव प्रचार नहीं करने की बात अभी भी कर रही है।
इस इनकार के बावजूद प्रदेश कांग्रेस इकाइयां प्रियंका के चुनावी आकर्षण को देखते हुए अपनी सियासी सेहत दुरुस्त करने के लिए अपनी तरफ से दबाव बनाने का मौका नहीं चूक रहीं।
प्रदेश इकाइयों से उठी मांग
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक समेत कई प्रदेश कांग्रेस इकाइयों से प्रियंका को चुनाव प्रचार करने की मांग की गई है। कांग्रेस के 15 रकाबगंज स्थित चुनावी वार रूम में प्रदेश इकाइयों के ये प्रस्ताव आए हैं।
प्रियंका के देशभर में चुनाव प्रचार को लेकर पार्टी की ओर से यही कहा जा रहा है कि उनके रायबरेली और अमेठी में ही चुनाव प्रचार करने की बात है।
कांग्रेस महासचिव अजय माकन कहते हैं कि रायबरेली और अमेठी के अलावा कहीं और चुनाव प्रचार करने की सूचना उनके पास नहीं है।
'प्रियंका करेंगी खुद फैसला'
मगर पार्टी नेताओं का आकर्षण प्रियंका की ओर से कम नहीं हो रहा है। वहीं इस बारे में राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि प्रियंका को खुद अपने बारे में फैसला करना है। वह कहते है कि देशभर में प्रचार की बात हो या फिर चुनाव लड़ने की बात।
इस मामले में फैसला करने के लिए प्रियंका स्वतंत्र हैं।
मगर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता मानने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस महासचिव शकील अहमद कहते हैं कि प्रियंका को देशभर में चुनाव प्रचार करवाने की मांग स्वाभाविक है। गांधी परिवार ने पार्टी को बहुत कुछ दिया है।
देशभर में प्रचार करेंगी तो होगा फायदा: रीता
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी कहतीं है कि प्रियंका अगर कांग्रेस के लिए देशभर में प्रचार करेंगी तो इससे पार्टी को फायदा होगा। मगर इस मामले में अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता कहते हैं कि जिस तरह से देशभर में पार्टी के खिलाफ नकारात्मक माहौल है। उसे कुछ हद तक सकारात्मक बनाने में प्रियंका का देशभर में चुनाव प्रचार पार्टी के लिए मददगार साबित हो सकता है।