दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कानून मंत्री सोमनाथ भारती को लेकर चौतरफा दवाब बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने उपराज्यपाल से मुलाकात की।
लवली ने उपराज्यपाल से मिलकर कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। अरविंदर सिंह लवली ने उपराज्यपाल से कहा कि कानून मंत्री ने कानून तोड़ा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बढ़ रही हैं सोमनाथ की मुसीबत
लवली ने कहा कि पुलिस मंत्री पर कार्रवाई को लेकर दवाब में है और कार्रवाई पर हिचक रही है।
वहीं उपराज्यपाल ने लवली और अन्य कांग्रेसी नेताओं को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी इसमें दोषी हैं उनके खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा।
विदेशी महिला से बदसलूकी के मामले के बाद सोमनाथ के खिलाफ ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमनाथ की मुसीबत तब और बढ़ गई जब एसडीएम के सामने पीड़ित विदेशी महिला ने सोमनाथ की पहचान कर ली।
केजरीवाल भी मिले LG से मुलाकात
अरविंदर सिंह लवली के उपराज्यपाल से मिलने से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की।
जंग से मुलाकात के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ थे। उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने मीडिया से कोई बात नहीं की और वहां से चले गए।
उधर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी भी इस मामले में अपनी रणनीति तय कर रही है और उसने अपने विधायकों की आज बैठक बुलाई है
पार्टी में भी उठने लगे विरोध के स्वर
कानून मंत्री पर सहयोगी और प्रमुख विपक्षी दल ही सवाल नहीं उठा रहे हैं बल्कि अपनी ही पार्टी में उनका विरोध शुरू हो गया है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बड़े नेता योगेन्द्र यादव ने कहा कि कानून मंत्री के खिलाफ अगर आरोप साबित होते हैं तो जरूर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
योगेन्द्र यादव ने मीडिया से कहा कि वह भी कानून मंत्री सोमनाथ भारती की भाषा से सहमत नहीं है। इस पर उनको सख्त हिदायत भी दी गई। कानून मंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली और हरीश साल्वे के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
भाजपा भी आई खुलकर विरोध में
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा था कि यदि किसी जगह पर नशीली दवाओं या देह व्यापार जैसा कृत्य हो रहा है तो उससे निपटने की एक प्रक्रिया है।
भारती ने उस प्रक्रिया को अपनाने के बजाय जो किया वह अवांछनीय था। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
लेखी ने कहा कि आप का उद्देश्य दो दिन तक टेलीविजन पर छाए रहने का था। कानून मंत्री के अलावा उन्होंने आप नेता कुमार विश्वास के केरल की नर्सों के बारे में दिए गए की भी बयान पर निंदा की।