कांग्रेस लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफा के बाद भाजपा में मची हलचल का सियासी लाभ लेने में जुट गई है।
नाराज आडवाणी के लिए कांग्रेसी नेता जमकर सहानुभूति जाहिर कर रहे हैं। साथ ही मोदी को भाजपा और यहां तक कि देश के लिए खतरे के तौर पर दिखाने की मुहिम भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि मोदी की ताजपोशी के प्रति उसने पहले ही चेता दिया था।
मोदी की ताजपोशी के बाद से कांग्रेस इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश में है। गुजरात दंगों की याद दिलाकर कांग्रेस मोदी के रथ को रोकना चाहती है। आडवाणी की नाराजगी और पार्टी में सभी पदों से उनके इस्तीफे ने कांग्रेस को एक सुनहरा मौका दे दिया है।
सोमवार को कांग्रेस ने कटाक्ष किया है कि उसने चेताया था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का कद बढ़ाए जाने के परिणाम भाजपा को भुगतने होंगे।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि आडवाणी के इस्तीफे पर विचार करना भाजपा का मामला है। इस पर कहने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है। यह भाजपा के संपूर्ण सैद्धांतिक पतन का आरंभ है।
द्विवेदी ने कहा कि भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष मोदी को इस तरह का हार पहना रहे थे जैसे वह निवर्तमान अध्यक्ष हों और नए अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हों। यह असामान्य है।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि इस घटना का लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति पर कोई असर पड़ेगा।