गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के 3डी चुनाव प्रचार को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कांग्रेस ने इसकी आलोचना करते हुए इस तरह के प्रचार में लगे पैसे के स्रोत पर प्रश्न खड़े किए हैं। पार्टी इसकी जांच के लिए चुनाव आयोग के पास भी जाने की तैयारी में है।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण मोधवाड़िया ने कहा है कि इस तरह की फिजूलखर्ची से बचा जा सकता था। जानकारी के मुताबिक हर प्रोजेक्शन पर पांच करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और मोदी ने सभी 182 विधानसभा क्षेत्र में इसका उपयोग करने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग से इसके स्रोत का पता लगाने के लिए आग्रह करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के चुनाव प्रचार में खर्च राशि का इस्तेमाल छात्रों की शिक्षा, किसानों की मदद या बीमारी से पीड़ित लोगों की सेवा के लिए किया जा सकता था।
इतना ही नहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर राज्य के लोगों से दान के तहत जमा किए गए 500 करोड़ रुपये इस अभियान में खर्च करने का आरोप भी लगाया।
गौरतलब है कि मोदी ने रविवार को पहली बार 3डी तकनीक के जरिए गांधीनगर में बैठकर एक साथ चार शहरों अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट की रैलियों को संबोधित किया था। मोदी के भाषण को एक विशेष स्क्रीन के जरिए लोगों के सामने पेश किया गया था। इसे 3डी होलोग्राफिक तकनीक और सेटेलाइट लिंक एप्स के जरिए प्रसारित किया गया था।