भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने आज आरोप लगाया कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में जो रैली की उसमें आम आदमी की समस्याओं का उत्तर देने के बजाय उसे चिढा़ने का काम किया गया। जेटली कहा कि कांग्रेस की इस रैली में भ्रष्टाचार और महंगाई जैसी मूल समस्याओं के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया। दरअसल सरकार ने इन प्रश्नों की अनदेखी करके आम आदमी को चिढा़ने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार को न्यायोचित ठहराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के बारे में जो तर्क दिये गये वे जनता को गुमराह करने वाले हैं। हकीकत यह है पश्चिमी देशों में किसानों को सब्सिडी दी जाती है जबकि भारत में ऐसा कुछ नहीं है। इससे किसानों और छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा और बिचौलियों को ही फायदा होगा।
जेटली ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने भ्रष्टाचार से जुडे मूल प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया। उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले, कोयला ब्लाक आवंटन घोटाला. राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के बारे में कुछ नहीं कहा। अलबत्ता कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबे अपने मंत्रियों को बचाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का जनता से संपर्क टूट चुका है। यही वजह है कि वह घर परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को उसकी पहुंच से दूर करती जा रही है। रसोई गैस और पेट्रोल, डीजल की कीमते लगातार बढाई जा रही है तथा महंगाई के कारण आम आदमी त्रस्त हो गया है।