गांधी परिवार पर लगातार निशाना साध रहे भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोमवार को दस्तावेज के दम पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर विदेशी नागरिकता होने का ‘सियासी बम’ फोड़ा था, हालांकि उन आरोपों के जवाब में ब्रिटेन सरकार के कंपनी मामलों के विभाग 'कंपनीज हाउस' की ओर से सफाई दी गई है।
कंपनीज हाउस ने कहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 2003 में बैकॉप्स नाम की निजी कंपनी बनाई थी। कंपनी के 2005 और 2006 के रिर्टन्स में राहुल की नागरिकता 'ब्रिटिश' बताई गई है, हालांकि ये टाइपिंग की गलती हो सकती है।
ब्रिटेन में कंपनीज हाउस का वहीं दर्जा है, जो भारत में रजिस्टार ऑफ कंपनीज का है। इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक, कंपनीज हाउस के एक प्रतिनिधि ने बताया कि जिसने भी रिटर्न भरा होगा, उससे ये गलती हो सकती है।
उन्होंने बताया, 'कंपनी हाउस दस्तावेज की जांच करता है कि उन्हें ठीक तरह गया है कि नहीं या कहीं दस्तखत तो नहीं छूट गए। हालांकि हमारे पास ऐसे अधिकार नहीं है, जिससे दस्तवेज में दर्ज जानकरियों की पुष्टि की जा सके।'
स्वामी ने राहुल की नागरिकता पर उठाया था सवाल
कंपनीज हाउस के प्रतिनिधि ने बताया कि कंपनियां जो भी सूचनाएं भेजती हैं, उन्हें सार्वजनिक कर दिया जाता है, हालांकि उसका यह मतलब कतई नहीं है कि हमने उन्हें जांचा है और उनकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि स्वामी ने सोमवार को दावा किया था कि राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है। स्वामी ने राहुल की भारतीय नागरिकता खत्म करने की मांग की। हालांकि कांग्रेस ने स्वामी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने अपनी सफाई में कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा कुंठा में है इसलिए कांग्रेस नेताओं पर कीचड़ उछालने के लिए घटिया चालें चली जा रही हैं।
कांग्रेस ने किया स्वामी के आरोपों को खारिज
कांग्रेस ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि जन्म से ही राहुल भारतीय हैं। उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं है। पार्टी ने भी इस संबंध में दस्तावेज पेश किए। पार्टी ने कहा है कि जिस कंपनी का स्वामी दावा कर रहे है, उसके दस्तावेजों में भी साफ लिखा है कि राहुल गांधी भारतीय हैं।
स्वामी ने सोमवार को अपने आरोपों के सबूत के तौर पर ब्रिटेन से कुछ दस्तावेज हासिल होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों में एक ऐसी ब्रिटिश कंपनी का रिकार्ड भी हैं जिसमें गांधी की 65 फीसदी हिस्सेदारी है।
उन्होंने कहा कि 2006 में राहुल गांधी ने ब्रिटेन के आयकर विभाग में रिटर्न भी भरा था। जो इस बात का एक और पुख्ता सबूत है कि वह ब्रिटेन के नागरिक हैं और वहां की कंपनियों में हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि ये सारे प्रमाण उन्होंने लंदन में रहकर खुद जुटाए हैं। इसलिए इनके संदिग्ध होने का कोई सवाल पैदा नहीं होता।
सुरजेवाला ने बयान जारी कर दी सफाई
वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्वामी पहले भी गांधी परिवार के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाते रहे हैं। पार्टी ने कहा है कि गांधी के पास भारत का पासपोर्ट है और किसी दूसरे देश की नागरिकता उनके पास नहीं है। स्वामी के आरोप झूठे हैं।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बयान में कहा है कि जिस कंपनी की बात की जा रही है। उसके प्रमाणपत्र में साफ लिखा गया है कि राहुल के पास भारतीय नागरिकता हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि कंपनी का गठन 2003 में हुआ था। जबकि राहुल गांधी 2004 में पहली बार लोकसभा सदस्य बने थे। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी का ज्यूरिख के किसी पिक्टेट बैंक में कोई खाता नहीं है।
साथ ही बोस्टन के किसी हवाई अड्डे में भी उन्हें कभी हिरासत में नहीं लिया गया है। सुरजेवाला ने कहा कि स्वामी लगातार झूठ बोलते रहे हैं और उन्होंने ऐसे ही आरोप 2012 में भी लगाए थे।
स्वामी ने फिर किया पलटवार
कांग्रेस की सफाई के बाद सु्ब्रह्मण्यम स्वामी ने मंगलवार को कहा, 'मैंने कंपनी द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज सामने रखे हैं, जिसमें राहुल गांधी 65 फीसदी के शेयर होल्डर और निदेशक हैं।'
स्वामी ने कहा कि राहुल ने खुद रजिस्टार ऑफ कंपनीज को बताया कि वे ब्रिटेन के नागरिक हैं। स्वामी ने एक बार फिर दोहराया कि राहुल गांधी पर मुकदमा चलना चाहिए और उनका नागरिकता रद्द होनी चाहिए। स्वामी ने कहा, 'जांच में अगर मेरे आरोप सही पाए गए तो राहुल की लोकसभा सदस्यता भी रद्द होनी चाहिए।'
स्वामी ने कहा कि कांग्रेस भी उनके दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठा रही है।