कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पी. सदाशिवम को केरल का राज्यपाल बनाने संबंधी सिफारिश पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पार्टी ने इसे न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता के लिए घातक करार दिया है।
पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा का तो यहां तक कहना है कि सदाशिवम के रिटायर होने के कुछ वक्त बाद ही राज्यपाल नियुक्त करने की सिफारिश से लगता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को किसी तरह से प्रसन्न किया होगा,तब ही उन्हें राज्यपाल बनाया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने सदाशिवम को केरल का राज्यपाल बनाने की सिफारिश राष्ट्रपति से की है। वह इसी साल सीजेआई के पद से रिटायर हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा विपक्ष में रहते हुए संवैधानिक पदों पर जजों की नियुक्ति को लेकर विरोध जताती थी।
अब ऐसा क्या हो गया कि रिटायर होने के कुछ ही महीनों में सदाशिवम को राज्यपाल बनाने की बात हो रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में विपक्ष का नेता रहते हुए सदन में खुद कहा था कि सेवानिवृत्ति के बाद जजों को किसी सरकारी पद पर बैठाना गलत निर्णय है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से संदेह पैदा होता है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर भाजपा इतनी मेहरबान क्यों हो गई।