कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने का सपना बनते-बनते टूट गया। इस सपने के टूटने की बड़ी वजह कांग्रेस के 27 मौजूदा विधायकों की आश्चर्यजनक हार है।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। भाजपा 48 सीटों के साथ तीसरी बार सत्ता में आई है। कांग्रेस को 40 सीटें आई हैं।
इन चुनावों में कांग्रेस के हारने में बड़ी भूमिका पार्टी के सीटिंग विधायकों की चौंकाने वाली हार है। कांग्रेस के 27 वर्तमान विधायक इन चुनावों में हार गए हैं। इन विधायकों का हारना कांग्रेस के लिए किसी सदमे से कम नहीं है।
हारने वाले विधायकों में वह नेता शामिल हैं जो प्रतिकूल हालातों में भी चुनाव जीतते रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे सहित अमितेष शुक्ला, प्रेम सॉय और शिव ढहेरिया जैसी दिग्गज अपना चुनाव हार गए हैं।
2008 में जो 38 कांग्रेस विधायक चुनाव जीतकर आए थे उनमें से 27 चुनाव हार गए हैं। नंद कुमार पटेल की हत्या के बाद कांग्रेस की चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत ने इस हार के पीछे भितरघात को कारण बताया है।
चुनाव परिणात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महंत ने कहा कि यह हमारे लिए चौंकाने वाला रहा। हम इस बार के चुनावों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकते थे लेकिन हम भितरघात की वजह से चुनाव हार गए।
सूत्रों के अनुसार महंत राहुल गांधी से पहले भी छत्तीसगढ़ के कई सीटों पर पार्टी द्वारा हुई भितरघात की शिकायत राहुल गांधी से कर चुके हैं।