दुष्कर्म के मामले में फंसे कांग्रेस के पूर्व मंत्री बाबू लाला नागर मेडिकल जांच के डर से दो दिन से घर से गायब हैं।
सीआईडी-सीबी ने शनिवार को पत्र भेजकर नागर से रविवार दस बजे उपस्थित रहने के लिए कहा था। तब से वे घर पर नहीं हैं।
मेडिकल जांच के लिए टीम भी आकर घर से खाली हाथ लौट गई। इस बीच सीआईडी-सीबी को नागर की ओर से पीड़िता को संरक्षण देने को लेकर पत्र भी मिला है।
सीबीआई को जांच सौंपने की सिफारिश के बीच राजस्थान के पूर्व खादी राज्य मंत्री बाबू लाल नागर के मामले में सीआईडी-सीबी ने जांच जारी रखी है।
पीड़िता के दिए बयान की पुष्टि के लिए सीआईडी-सीबी को नागर का सीमन चाहिए। पीड़िता ने अपने बयानों में कहा है कि उसके पास नागर के दुष्कर्म को साबित करने के लिए उस समय पहने हुए कपड़े संभाल कर रखे हुए हैं।
इससे पूर्व सीआईडी-सीबी ने शुक्रवार को भी नागर को पत्र लिखकर मेडिकल जांच करवाने के लिए कहा था, लेकिन वे शुक्रवार को नदारद रहे।
शनिवार को पत्र लिखकर रविवार को सुबह 10 बजे उपस्थित रहने के लिए कहा गया था। इधर, सीआईडी-सीबी ने नागर के स्टॉफ के तीन कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की है।
नागर ने की पीड़िता के संरक्षण की मांग
इस बीच सीआईडी-सीबी को रविवार को नागर की ओर से लिखा गया पत्र मिला है कि पीड़िता को संरक्षण दिया जाए। पत्र में आशंका जताई गई है कि यदि पीड़िता को कुछ हो गया, तो उन पर (नागर) पर आरोप लगाए जाएंगे। हलांकि सीआईडी-सीबी ने पीड़िता के घर पहले से ही दो कांस्टेबल तैनात किए हुए हैं।
नागर की क्लिप की चर्चा
चर्चा जोरों पर चल रही है कि पीड़िता के मोबाइल में नागर से संबंधित क्लिप थी, जिसे सीआईडी-सीबी ने बरामद कर लिया है। हालांकि कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।