लोकसभा में कांग्रेस और सरकार के बीच तल्खी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सदन में चर्चा और मुद्दा उठाने के मामले में कांग्रेस ने सोमवार को सीधे स्पीकर सुमित्रा महाजन पर निशाना साधा।
पार्टी ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन में चर्चा के लिए तय किए गए मुद्दे की जानकारी तक विपक्ष को मुहैया नहीं करातीं।
पार्टी के संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो यहां तक कहा कि अगर ऐसे हाउस चलेगा तो फिर मुश्किल हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के मुद्दा उठाते समय ही नियम कायदे याद आते हैं, जबकि कोरम पूरा नहीं होने और मंत्री के सदन में नहीं रहने के दौरान नियम कायदे की बात नहीं होती।a
कांग्रेस की स्पीकर से भी तल्खी
हालांकि स्पीकर ने खड़गे के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सदन में उठाए जाने वाले सभी मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष की सहमति ली है। बजट सत्र में कांग्रेस की सरकार के साथ ही स्पीकर से भी तल्खी बढ़ती जा रही है।
लोकसभा में खड़गे ने बाढ़ और सूखा जैसे मसले पर चौथे दिन भी चर्चा जारी रहने के बहाने सीधे स्पीकर पर निशाना साध कर भविष्य में अपने तेवर और कड़े करने के संकेत दिए।
उन्होंने जापानी बुखार पर चर्चा शुरू कराए जाने से नाराज होकर कहा कि विपक्ष को सदन में चर्चा के लिए तय किए गए मुद्दों की जानकारी नहीं दी जा रही है।
स्पीकर पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने चर्चा के लिए इतने सारे मुद्दों पर नोटिस दे रखा है, तब महत्वहीन मुद्दों पर लगातार चर्चा का क्या औचित्य है?
उन्होंने कहा कि वह उनकी इस टिप्पणी से नाराज हो सकती हैं, मगर सदन को जैसे चलाया जा रहा है उससे तो भविष्य में मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
उन्होंने स्पीकर से पूछा कि बाढ़ और सूखा जैसे कम महत्व के मुद्दे पर लगातार चौथे दिन चर्चा और आम बजट पर महज दो दिन चर्चा का क्या औचित्य है।
मंत्रियों की अनुपस्थिति पर सवाल
खड़गे यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जब विपक्ष की बारी आती है तो हमें अक्सर कानून कायदे की याद दिलाई जाती है। मगर जब बिना कोरम और मंत्रियों की अनुपस्थिति के सदन चलाया जाता है तब किसी को कायदा कानून याद नहीं रहता।
हालांकि स्पीकर सुमित्रा महाजन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जापानी बुखार और बाढ़-सूखा पर चर्चा पर खड़गे ने भी सहमति दी थी।