कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी पर लोकसभा में दिखाई गई अधीरता भारी पड़ गई। सोमवार को नारेबाजी करते हुए जोश में अधीर ने स्पीकर सुमित्रा महाजन की मेज के ऊपर नारे लिखी तख्तियां लहरा दी। इससे नाराज स्पीकर ने उन्हें दिन के बाकी बची कार्यवाही के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
चौधरी ने अपने इस व्यवहार के लिए दो बार माफी मांगी, मगर स्पीकर ने इसे दिल से मांगी गई माफी न मानते हुए उन्हें सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।
भाजपा के अर्जुन राम मेघवाल ने अधीर को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने का प्रस्ताव रखा। विपक्ष के नेताओं के बीच बचाव के बाद आखिरकार स्पीकर ने उन्हें दिन की बाकी बची कार्यवाही के लिए सदन से बाहर कर दिया।
हालांकि स्पीकर के आदेश के तत्काल बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने स्पीकर से दंड का रास्ता न अपनाने की अपील की।
माकपा के मोहम्मद सलीम ने अधीर के व्यवहार की निंदा तो की, मगर यह भी कहा कि विरोध जताना संसदीय प्रजातंत्र की परंपरा है और इससे वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए।