2014 लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता आज सूरजकुंड में संवाद बैठक कर रहे हैं। कांग्रेस की इस बैठक का एजेंडा तो स्पष्ट है, लेकिन सबकी निगाहें राहुल गांधी पर ही हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में राहुल को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
बैठक में पार्टी नेतृत्व राजनीतिक, आर्थिक मसलों और कांग्रेस घोषणापत्र पर मंथन करेगा। इस दौरान कांग्रेस में राहुल की औपचारिक तौर पर बड़ी भूमिका का मुद्दा उठने से इन्कार नहीं किया जा सकता। हालांकि पार्टी के नेता बैठक में राहुल की बड़ी भूमिका की औपचारिक घोषणा से तो मना कर रहे हैं, लेकिन इसके जरिये राहुल संगठन और सरकार में खुले तौर पर दखल की शुरुआत कर सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव व मीडिया विभाग के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को 10 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में कांग्रेस कार्यकारिणी के 19 सदस्य, 16 आमंत्रित सदस्य, 23 कैबिनेट मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले 12 राज्य मंत्री शामिल होंगे। विशेष सुरक्षा प्राप्त सोनिया, मनमोहन व राहुल को छोड़कर सभी लोग कांग्रेस मुख्यालय से दो बसों में सूरजकुंड जाएंगे और शाम को बैठक खत्म होने के बाद बस से ही लौटेंगे।
कुल मिलाकर कांग्रेस के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के बीच सूरजकुंड पहुंचने से पहले बस में ही आपसी संवाद की व्यवस्था कर दी गई है। बैठक की शुरुआत सोनिया राजनीतिक हालात पर वक्तव्य के साथ करेंगी। इस पर लंबी चर्चा होगी और सुझावों का आदान-प्रदान होगा। उनके बाद प्रधानमंत्री आर्थिक हालात पर प्रकाश डालेंगे और मौजूदा चुनौतियों व उसके राजनीतिक निहितार्थो पर वित्त मंत्री रोशनी डालेंगे।
आखिर में कांग्रेस घोषणापत्र की समीक्षा होगी। माना जा रहा है कि इस सत्र में राहुल मुखर होंगे। कांग्रेस के वादों और उनके अमल पर खरी-खरी बहस होगी। मसलन खाद्य सुरक्षा विधेयक और भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने और जिन वादों को पूरा किया गया, उन्हें जनता तक पहुंचाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। संकेत हैं कि कांग्रेस कार्यसमिति के कुछ सदस्य राहुल को जल्द औपचारिक रूप से संगठन में नंबर दो घोषित करने का प्रस्ताव भी ला सकते हैं।