कांग्रेस का ही समर्थन लेकर उसके ही वोट बैंक में सेंध लगा रही आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ अब कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम रखने की कोशिश कर रही है।
इसी रणनीति के तहत अब कांग्रेस ने अंदरूनी फैसला किया है कि वह अब आप को आम आदमी पार्टी कहने से परहेज करेगी। इसके लिए सभी प्रवक्ताओं को निर्देश दिया है कि वे आप को केजरीवाल की पार्टी बोलने की पूरी कोशिश करें।
देशभर के प्रवक्ताओं को इस तरह का संदेश दिया गया है और साथ ही आप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया गया है।
चिदंबरम संभालेंगे प्रवक्ताओं की कमान
मंगलवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी प्रवक्ताओं की नई टीम बनाई थी। बुधवार को राष्ट्रीय स्तर पर बनी टीम के नए सदस्यों को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया गया था। प्रवक्ता सोनिया गांधी से भी मिले थे।
हाईकमान की ओर से प्रवक्ताओं को सिर्फ भाजपा और नरेंद्र मोदी ही नहीं बल्कि अब आम आदमी पार्टी के खिलाफ भी जवाबी हमले करने का निर्देश दिया गया है।
प्रवक्ताओं को बताया गया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के वोट बैंक पर सेंध लगाई और यह सब कांग्रेस के फार्मूले पर ही चलकर किया गया। पार्टी का हमेशा से नारा रहा है-कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ।
किसने की चोरी?
केजरीवाल ने इसी नारे को चुराकर अपनी पार्टी का नाम रखा और आम जन से जुड़ने की कोशिश की।
प्रवक्ताओं को बताया गया कि केजरीवाल और उनकी टीम कांग्रेस की रणनीति को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रही है, जिसे समझने की जरूरत है। इसलिए अब उसे आम आदमी पार्टी कहने के बजाय केजरीवाल की पार्टी कहा जाए।
बैठक में हाईकमान का संदेश था कि आम आदमी पार्टी कहने से ऐसा संदेश जाता है कि विरोधी दल के नेता खुद ही मान रहे है कि यह जनता की पार्टी है, जिसका नाम आम आदमी पार्टी है।