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मध्य प्रदेश कांग्रेस में क्यों मची है नेताओं में भगदड़?

Wed, 02 Apr 2014 03:19 PM IST
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल
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मध्य प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों बड़ी भगदड़ मची है। विजयराघौगढ़ के विधायक संजय पाठक ने कटनी में मुख्यमंत्री का बड़ा आयोजन रखा। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने का खुलासा करते हुए कहा कि जिस कांग्रेस में वह पैदा हुए थे, वह कांग्रेस मर गई है। यह कांग्रेस अब महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की कांग्रेस नहीं है।
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पाठक ने कहा कि वहां अपमान झेलना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा था कि नौजवानों को महत्व दिया जाएगा, लेकिन नौजवान वहां काफी दबाव में हैं।

पाठक ने कहा कि हम तो कांग्रेस में थे फिर भी महसूस करते थे कि शिवराज सिंह चौहान बहुत अच्छे नेता हैं। उनमें प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण हैं।

शिवराज के पिता भी थे कांग्रेसी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि कांग्रेस अब रहने लायक नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री ने रहस्योद्घाटन किया कि उनके पिताजी भी कांग्रेस में थे। लेकिन शिवराज ने कांग्रेस का जो हाल देखा तो उसके बाद भाजपा में काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की तो छोड़िए, इंदिरा गांधी की भी नहीं रही।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कुछ लोगों ने घेर रखा है। वे पहचान नहीं कर पाते कौन अच्छा है, किसमें कितनी संभावना है। चौहान ने कहा कि भाजपा एक परिवार है और कांग्रेस से जो लोग आ रहे हैं वे अब इस परिवार का हिस्सा हो जाएंगे, सब मिलजुलकर काम करेंगे।

कल्पना हुई आप की

महिदपुर से कांग्रेस की फायरब्रांड विधायक रही कल्पना पारुलेकर ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। कल्पना पारुलेकर ने कांग्रेस छोड़ने के कारण यह गिनाए कि कांग्रेस में कुछ गलत लोगों का कब्जा हो गया है। वहां सही मुद्दों पर आंदोलन करने वालों की कोई पूछ परख नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी में आकर उन्हें बड़ी राहत मिली है। कांग्रेस में उनका दम घुट रहा था। वहां कुछ बोल भी नहीं सकते। म.प्र. कांग्रेस तो मुख्यमंत्री शिवराज की गोद में बैठ गई है। परुलेकर ने वादा किया कि आम आदमी पार्टी हमेशा जनता के लिए मुद्दों पर आंदोलन करने वाली पार्टी रहगी।

पारुलेकर ने केजरीवाल की बड़ी तारीफें की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने तो 49 दिन में ही दिखा दिया कि वह जनता के हक में फैसले कर सकते हैं।
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स्वरूपबाई भी भाजपा में

कांग्रेस की पूर्व विधायक स्वरूपबाई ने भाजपा का दामन थाम लिया। स्वरूपबाई झाबुआ क्षेत्र की प्रमुख नेता थी। वह जमीनी कार्यकर्ता रही हैं। स्वरूपबाई ने भाजपा का दामन थामने का कारण बताया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की आवाज कोई सुन ही नहीं रहा है। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि जिसे जाना है वह जाए, कांग्रेस पर इस बात से कोई फर्क नहीं प़ड़ता।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि संजय पाठक अपने कारोबार को बचाने के लिए भाजपा में गए हैं, वहीं कल्पना परुलेकर के पास विधानसभा चुनाव में हारने के बाद कोई विकल्प नहीं रह गया था। स्वरूपबाई के भी भाजपा में जाने का कारण स्थानीय है।
 
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि जो लोग अवसरवादी हैं, वे यह सोचकर भाजपा में जा रहे हैं कि कांग्रेस मुकाबले में नहीं है लेकिन अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। कांग्रेस 130-140 सीटें लाकर भी केंद्र में सरकार बना सकती है, जो काम भाजपा नहीं कर सकती।
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