पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को हुई हिंसा के मद्देनजर कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सदन में हेलमेट पहनकर प्रवेश किया। इनमें महिलाएं विधायक भी शामिल थीं।
करीब 30 विधायकों ने सिर पर हेलमेट लगा रखा था और उनके हाथों में पोस्टर थे जिस पर लिखा था, ‘हम अपने सिर को सुरक्षित रखना चाहते हैं।’ हालांकि स्पीकर बिमान बनर्जी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन के अंदर टोपी या हेलमेट पहनकर आने की इजाजत नहीं है और इसे तुरंत उतारा जाना चाहिए। इसके बाद विधायकों ने अपने हेलमेट उतार दिए।
स्पीकर ने हिंसा के दौरान सुरक्षाकर्मी की भूमिका पर जांच के आदेश दे दिए हैं। संसदीय मामलों और उद्योग मंत्री पार्था चटर्जी ने शिकायत की थी कि हिंसा के वक्त सुरक्षाकर्मी मूक दर्शक बने रहे। इसके बाद स्पीकर ने पूरी घटना के जांच के आदेश दिए। इस बीच वामपंथी पार्टियों के सदस्यों ने बुधवार को माकपा के तीन विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा से वाकआउट किया।
इस मामले में स्पीकर ने कहा कि इन सदस्यों ने माफी नहीं मांगी है, इसलिए उनका निलंबन वापस नहीं लिया जा सकता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को उस समय अराजकता की स्थिति फैल गई थी, जब तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी विधायक आपस में भिड़ गए। संघर्ष में माकपा के एक और तृणमूल के दो विधायक घायल हुए। माकपा विधायक गौरांग चटर्जी के सिर में चोट आई है, जबकि तृणमूल की एमएलए महमूदा बेगम के सीने और पुलक राय के पैर में चोट लगी।