झारखंड में कांग्रेस और झामुमो की नई सरकार की मिली जुली दाल पूरी तरह से तैयार है, अब बस उसमें तड़का लगना बाकी है।
दरअसल, प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर दोनों पार्टियों में भले ही सहमति बन गई है। फिर भी कांग्रेस लोकसभा सीटों के नामों पर अभी से ही समझौता पक्का करने में जुटी हुई है।
कई सीटों में सहमति नहीं बनने के चलते सरकार के गठित होने के ऐलान में देरी हो रही है। समझौता तय होते ही झामुमो के नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करवाने के बाद सरकार गठन का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को भी कांग्रेस नेताओं ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं से मुलाकात की। कांग्रेस की ओर से बीके हरिप्रसाद, सुबोध कांत सहाय समेत प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने हेमंत सोरेन समेत बाकी झामुमो नेताओं से बातचीत की।
सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों में लोकसभा की सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति हो गई है। इसमें कांग्रेस को आठ, झामुमो को चार और राष्ट्रीय जनता दल को दो सीटें देने पर सहमति बन गई है। मगर कांग्रेस अभी ही तय करना चाहती है कि उसे कौन-कौन सी सीटें दी जाएंगी।
कुछ ऐसी सीटें हैं, जिस पर कांग्रेस और झामुमो के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। उन्हीं सीटों पर झामुमो का भी दबदबा है, जबकि कांग्रेस भी उन पर अपना दावा रख रही है। राजद को भी कुछ सीटों पर ऐतराज है। ऐसे में बातचीत की प्रक्रिया जारी है।
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दावा किया कि झामुमो उनकी बात को मान लेगा। सूत्रों का दावा कि अगर बात बन गई तो शुक्रवार को ही सरकार गठन का ऐलान हो जाएगा। वहीं नई सरकार में मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर भी सहमति बन गई है।
नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस को पांच, झामुमो को पांच और राजद के दो मंत्री बनाने पर सहमति बनी है। जबकि दागी मंत्रियों को मंत्रिमंडल से दूर रखने की बात कही जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री पद के अलावा बड़े दल की वजह से स्पीकर पद भी झामुमो को ही देने की बात है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हेमंत सोरेन के नाम पर कांग्रेस तैयार है।