कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ताजपोशी के ठीक पहले चुनाव प्रक्रिया को ‘फिक्स’ बताने और वंशवाद पर सवाल उठाने वाले शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और पूनावाला की कथित बातचीत का एक ऑडियो टेप आने के बाद पार्टी में संगठनात्मक चुनाव और लोकतंत्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
शहजाद का दावा है कि ऑडियो में उनकी आवाज है। जबकि मनीष तिवारी ने ऐसी किसी बातचीत और शहजाद को लेकर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है। उनका कहना है, ‘आप अपना काम करें, मैं अपना काम कर रहा हूं।’ इस ऑडियो को लेकर कांग्रेस की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि शहजाद वर्तमान में पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं।
पढ़ें- राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए यहां हो रही खास तैयारी, 50 बड़े नेता शामिल
पार्टी ने शहजाद की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए हैं। शहजाद के जिस ऑडियो पर सवाल उठाए जा रहे हैं उसमें पार्टी को प्रोपराइटरशिप यानी मिल्कियत बताते हुए चलाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस बातचीत में सभी पार्टियों में ऐसी ही मिल्कियत और चुनाव प्रक्रिया अपनाने की बात भी कही गई है। ऑडियो में शहजाद को समझाने और सीख देने का प्रयास किया गया है। शहजाद ने बृहस्पतिवार को कहा था कि अध्यक्ष पद के लिए ‘इलेक्शन नहीं सलेक्शन’ हो रहा है। शहजाद के भाई तहसीन पूनावाला रॉबर्ट वाड्रा के बहनोई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है। राहुल गांधी 4 दिसंबर को अपना नामांकन कराएंगे।