भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है। गडकरी के खिलाफ एक टीवी चैनल के भ्रष्टाचार के आरोपों को कांग्रेस राजनीतिक तूल देना नहीं चाहती। कांग्रेस का कहना है कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है और यह सरकार पर निर्भर है कि वह इस मामले की जांच करवाती है या नहीं। पार्टी ने यह भी कहा है कि पार्टी किसी की व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े मामले का राजनीतिक फायदा नहीं उठाती।
गौरतलब है कि गडकरी के खिलाफ हाल में इंडिया अंगेस्ट करप्शन के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे तो कांग्रेस ने उनसे जवाब मांगा था। साथ ही पिछले दिनों गडकरी के एक विवादित प्रोजेक्ट के पक्ष में लिखी गई सिफारिशी चिट्ठी को भी जोर शोर से उठाया गया था। मगर अब पार्टी इस मामले में ज्यादा कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। सोमवार को कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि गडकरी पर लगे आरोप सार्वजनिक है।
इस मामले में आयकर विभाग और वित्त मंत्रालय जैसी संस्था संज्ञान ले सकती है। पार्टी को इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहना है। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी गडकरी को लेकर इतनी नरमी क्यों बरत रही है तो उन्होंने कहा कि नरम या गरम होने का सवाल पैदा नहीं होता। यह सरकार पर है कि वह इन आरोपों को लेकर किस तरह से लेती है। इस मसले पर जांच करवाने का अधिकार सरकार के पास है। हम इसे व्यक्तिगत आरोप मानते हैं।
भ्रष्टाचार पर सोनिया का गुस्सा बनावटी : भाजपा
भाजपा ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए भ्रष्टाचार के प्रति बनावटी रोष दिखाने का आरोप लगाया है। मुख्य विपक्षी दल ने कांग्रेस अध्यक्ष से जवाब मांगा है कि उन्होंने टूजी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल और कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले मामले में अब तक क्या किया। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वादे के बावजूद अब तक जेपीसी के सामने पेश नहीं हुए।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक तरफ सरकार भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं दूसरी तरफ सोनिया गांधी इन राज्यों में घूम-घूम कर विरोधियों को भ्रष्ट करार दे रही हैं लेकिन खुद वीरभद्र सिंह के साथ मंच साझा कर रही हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के चलते मंत्रिमंडल से बाहर निकाला गया। सोमवार को सोनिया गांधी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए भाजपा सरकारों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा है।
इसके जवाब में सीतारमण ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और सरकार दोनों सिर्फ दिखावा कर रही है। यदि ये भ्रष्टाचार के प्रति इतने ही गंभीर हैं तो टूजी मामले में पूर्व कैबिनेट सचिव के खुलासे बाद सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के मुंह क्यों बंद हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के खुलासों के बावजूद दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के भी खुले घूमने पर सवाल उठाया। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी काम नहीं करने देती।