जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय शिविर के अंतिम दिन राहुल गांधी ने उपाध्यक्ष बनने के बाद आज अपना पहला भाषण दिया। अपने पहले संबोधन में राहुल ने कहा कि कांग्रेस हर भारतीय की पार्टी है और मैं सबको एक नजर से देखूंगा।
उन्होंने कहा कि हमें आम आदमी को समझना होगा और व्यवस्था में बदलाव लाने की सख्त जरूरत है, लेकिन बदलाव सोच-समझकर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था ऐसी है, जहां चुनिंदा लोगों के हाथों में सत्ता सिमटी रह जाती है।
उन्होंने कहा कि अब तेजी से बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें 40-50 नेताओं को तैयार करना है, जो देश चलाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी का संगठन है, लेकिन विपक्ष यह नहीं समझ रहा है। भाषण में अपनी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता जहर की तरह होती है।
इससे पहले आज राहुल गांधी की नंबर दो पर ताजपोशी पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने अपनी मुहर लगा दी। एआईसीसी की बैठक शुरू होते ही बिड़ला आडिटोरियम राहुल गांधी जिंदाबाद के नारों से गूंजने लगा और सदस्यों ने गांधी को पार्टी उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी जाहिर करनी शुरू कर दी।
सदस्यों के उत्साह को देखते हुये महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कार्यसमिति के इस निर्णय को इस बैठक में रखने की संवैधनिक बाध्यता नहीं है फिर भी वह इसे सदस्यों के सामने रखते हैं। इस पर बैठक में मौजूद करीब 1200 सदस्यों ने हाथ उठाकर इस निर्णय का समर्थन किया और उसके बाद आडिटोरियम राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे और तालियों की गड़गडा़हट से गूंजने लगा।