वर्ष 2002 में गुजरात में हुए दंगों के समय कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, दंगों में मारे गए कांग्रेस के सांसद एहसान जाफरी की पत्नी मिलने वाली थी। पर पार्टी के बड़े नेताओं ने उन्हें मिलने से रोक दिया। इस बात का खुलासा रिटायर्ड डीजीपी आरबी श्रीकुमार ने अपनी पुस्तक गुजरात: बिहाइंड द करटेन में किया है।
गुजरात सरकार में अप्रैल-सितंबर, 2012 के दौरान श्रीकुमार गुजरात के खुफिया ब्यूरो के प्रमुख थे। श्रीकुमार ने अपनी पुस्तक में कांग्रेस के नेताओं का गुजरात दंगों के प्रति रूख और हिंसा में भाजपा-संघ परिवार की भूमिका की परतें खोली हैं। इससे पहले गुजरात दंगों के ऊपर वो 'इललीगल' नाम से एक पुस्तक लिख चुके हैं। इस पुस्तक में भी गुजरात के दंगों से लेकर गोधरा कांड तक के कई राज खोले गए हैं।