गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के राहुल गांधी को 'शहजादा' बोलने के जवाब में कांग्रेस ने मोदी के लिए 'साहेबजादा' खोज लिया है।
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने गुजरात में एक युवती की जासूसी करवाए जाने के मामले में भाजपा पर हमला करता हुए नरेंद्र मोदी को 'साहेबजादा' कहकर संबोधित किया।
जासूसी मामले में कोबरापोस्ट वेबसाइट के मुताबिक साल 2007 में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री और मोदी के करीबी अमित शाह ने 'साहेब' के कहने पर पुलिस से युवती की जासूसी कराई थी। इसी से जोड़ते हुए 'साहेबजादा' बनाया गया।
दो वेबसाइट कोबरापोस्ट और गुलेल ने 15 नवंबर को यह दावा किया था कि मोदी के सहयोगी अमित शाह ने 'साहेब' के कहने पर एक महिला की जासूसी करने का आदेश दिया था।
वेबसाइट ने अपने प्रमाण के तौर पर अमित शाह और आईपीएस अधिकारी के बीच बातचीत का टेप भी जारी किया था। हालांकि उन्होंने यह भी लिखा कि इसकी प्रमाणिकता पुख्ता नहीं की जा सकी है।
मोदी पर आरोप
इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोल दिया और दावा किया है कि 'साहेब' और कोई नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी ही हैं।
मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा की भाजपा का दावा है कि युवती को उसके पिता के कहने पर सुरक्षा दी गई थी। क्या, खतरे का आकलन किया गया था। युवती को सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा अधिकारी क्यों नहीं दिए गए।
उन्होंने ट्वीट किया की पीछा करने वाला 'साहेबजादा' बेशर्म कृत्य से क्यों बरी हो।
इससे पहले नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को शहजादा कहकर पुकार चुके हैं जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस ने उतारी महिला ब्रिगेड
जासूसी मामले में भाजपा पर हमला करते हुए रविवार को कांग्रेस ने अपनी महिला ब्रिगेड भी उतारी।
कांग्रेस की महिला नेताओं ने इस मामले को निजता का उल्लंघन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी जांच होने की मांग की थी।
मनीष तिवारी ने भी बताया की पार्टी ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है तो स्वाभाविक है कि सरकार इस पर विचार करेगी।
इसके जवाब में नरेंद्र मोदी ने बंगलुरू की अपनी रैली में कहा कि कांग्रेस को उनकी लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है।