अंदरुनी कलह से उबरकर बनी नरेंद्र मोदी की चुनावी टीम में शामिल दिग्गजों की एकजुटता को तोड़ने की रणनीति पर कांग्रेस ने काम शुरू कर दिया है।
दरअसल, भाजपा के दिग्गज नेताओं द्वारा मोदी की कप्तानी को स्वीकारने से कांग्रेस सकते में है। पार्टी को उम्मीद थी कि भाजपा के दिग्गज नेता मोदी की छतरी के नीचे काम करने से परहेज करेंगे।
मगर बिना किसी ना-नानुकुर के मोदी की टीम बनने से कांग्रेस में चिंता घर कर गई है। लिहाजा, पार्टी ने मोदी पर निशाने तेज कर दिए है।
कांग्रेस ने मोदी की शख्सियत पर वार करते हुए कहा है कि भाजपा के नामी चेहरे ऐसे आदमी को रिपोर्ट करेंगे, जिसके चेहरे पर दाग ही दाग है। पार्टी ने कहा है कि सबसे पहले यह पूछा जाए कि आखिर खुद उनकी (मोदी) रिपोर्ट क्या है।
शनिवार को कांग्रेस ने मोदी की तुलना हिटलर से कर दी। कांग्रेस ने कहा है कि जिस तरह से हिटलर ने संस्थानों पर ताले लगाए थे। उसी तरह गुजरात में लोकायुक्त जैसे संवैधानिक संस्थान पर ताला लगा दिया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता राज बब्बर ने कहा कि ऐसे लोग अब दिल्ली आना चाहते हैं। यह देखना है कि ये लोग दिल्ली में कहां कहां ताला लगाएंगे।
गुजरात लोकायुक्त मामले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से मोदी सरकार की याचिका को खारिज करने के संबंध में कांग्रेस ने मोदी पर निशाना साधा है।
वहीं भाजपा की एकजुटता को लेकर कांग्रेस के दिग्गजों को उम्मीद है कि यह एकता ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाली। जल्द ही सियासी खींचतान का दौर शुरू हो जाएगा।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा की संस्कृति में चुपचाप बैठना नहीं है। मोदी को इतनी आसानी से बॉस बनने नहीं दिया जाएगा।
वहीं कांग्रेस उम्मीद के अलावा मोदी पर निशाना साधकर उनकी टीम को भी कमजोर करने में जुट गई है।
शुक्रवार को मोदी की टीम के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता राज बब्बर ने कहा कि टीम में कई अच्छे चेहरे हैं। उन लोगों को जिसको रिपोर्ट करना होगा। उनकी रिपोर्ट क्या है। पहले यह बताया जाए।