भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर कांग्रेस का हमलावर रुख जारी है तो यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बचाव में भी पार्टी की ताबड़तोड़ बैटिंग चालू है। कांग्रेस ने शुक्रवार को दलील दी कि वाड्रा और गडकरी पर लगे आरोपों में जमीन आसमान का फर्क है।
यहां तक कि पार्टी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपों को भी गडकरी मामले की तुलना में बहुत हल्का बताया। कांग्रेस ने सफाई दी है कि वाड्रा से संबंधित सौदों को हरियाणा सरकार के अफसरों की जांच में क्लीन चिट मिल गई है। मगर गडकरी के भ्रष्टाचार की परतें हर रोज खुल रही हैं। कांग्रेस ने कहा है कि खुद के अध्यक्ष के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जिस तरह से भाजपा सामने आ गई है। उसे देखकर पार्टी की विचारधारा की भी पोल खुल चुकी है।
हालांकि भाजपा अध्यक्ष पद से गडकरी के इस्तीफे के सवाल को नजरअंदाज कर कांग्रेस खुद की कमीज को ज्यादा सफेद दिखाने में जुट गई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने वाड्रा, खुर्शीद और वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मगर गडकरी पर लगे आरोपों को लेकर भाजपा पर जमकर प्रहार किए गए।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा एक तरफ यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगाती है तो दूसरी तरफ अपने अध्यक्षों के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालती है। अल्वी ने कहा कि बंगारू लक्ष्मण के बाद भाजपा अब गडकरी के भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों को छिपाने में जुट गई है।
वाड्रा को हरियाणा सरकार की ओर से मिली क्लीन चिट पर अरविंद केजरीवाल और भाजपा के सवाल उठाने को कांग्रेस ने सिरे से खारिज किया। कांग्रेस के अनुसार साफ हो गया है कि इस मामले में कुछ गलत नहीं हुआ है। वहीं केजरीवाल को अल्वी ने कहा कि वह गिरगिट से भी ज्यादा तेजी से रंग बदलते हैं। इसलिए वह उनकी बात पर कुछ नहीं कहेंगे।