गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर भाजपा से टकराने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस ने सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं।
बिहार कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार से मोदी पर अपना रुख साफ करने की मांग की है।
उन्होंने बिहार में नरेंद्र मोदी पर प्रतिबंध के बने रहने पर भी सवाल किया है। इसे नीतीश कुमार पर दबाव बनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
एक लंबे समय से जनता दल यूनाईटेड (जदयू) नरेंद्र मोदी के भाजपा में बढ़ते कद का विरोध करती रही है।
अब गोवा सम्मेलन में नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का जिम्मा सौंपने के बाद जदयू ने उसे आंतरिक मामला कहा है। नीतीश कुमार भी इस पर कुछ कहने से बच रहे हैं।
ऐसे में कांग्रेस ने नीतीश कुमार से जवाब मांगा है। अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने मोदी के बढ़ते कद को मौन समर्थन दिया है।
साथ ही सवाल किया है की क्या मोदी पर बिहार में चुनाव प्रचार को लेकर प्रतिबंध बना रहेगा या एनडीए के दो नेता मंच पर साथ आएंगे।
जदयू ने कहा आंतरिक मामला
नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार समिति की कमान मिलने को जद-यू ने भाजपा का आंतरिक मामला करार दिया है।
पार्टी ने कहा है कि मोदी भाजपा की समिति के अध्यक्ष बने हैं, राजग के नहीं। इसलिए इस मामले में विरोध का सवाल ही नहीं उठता।
जद-यू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि कोई भी पार्टी अपने हित में संगठनात्मक पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र है।
पीएम पद पर करेगी विरोध
जद-यू ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह पीएम पद पर मोदी की उम्मीदवारी के विरोध पर अब भी कायम है लेकिन भाजपा ने भी संकेत दिया है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बना सकती है।