अगले महीने गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अपने सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में दोनो दलों के नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया है। इसके तहत गुजरात की 185 सीटों में एनसीपी नौ सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के लिए पहली बार दोनो दलों ने यहां मिलकर चुनाव लड़ने के लिए हाथ मिलाया है।
टिकट बंटवारे के झगड़े से जूझ रही कांग्रेस के सामने लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकने की बड़ी चुनौती है। पार्टी को टिकट कटने से नाराज कांग्रेसियों के बागी होने का खतरा है। वहीं दूसरी ओर गठबंधन न होने पर एनसीपी भी कई सीटों पर कांग्रेस के लिए खतरा साबित हो सकती थी। पिछले विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने कई सीटों पर कांग्रेस को नुकसान तो पहुंचाया ही साथ ही उसके मुस्लिम बोट बैंक में भी सेंध लगाई थी। इसलिए कांग्रेस ने इस दफा एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
हालांकि कांग्रेस ने गुजरात चुनावों के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। मगर 46 प्रत्याशियों की दूसरी सूची को रोक दिया था। बताया जाता है कि इन सीटों में एनसीपी के खाते वाली कुछ सीटें भी हैं। इसलिए यह सूची रोकी गई। अब गठबंधन हो जाने और सीटों पर सहमति बनने से कांग्रेस जल्द ही दूसरी सूची जारी कर सकती है।
मणिनगर से ही मैदान में उतरेंगे नरेंद्र मोदी
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र मणिनगर से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। भाजपा ने प्रदेश के लिए 84 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें मौजूदा सात विधायकों के टिकट काट दिये गये हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बृहस्पतिवार रात उम्मीदवारों के नामों को हरी झंडी दिखा दी। इस सूची में पहले स्थान पर मोदी का ही नाम शामिल है। बैठक में मोदी भी मौजूद थे।