आखिरकार शुरुआती खींचतान के बाद एनसीपी ने महाराष्ट्र में सीटों के तालमेल पर सहमति जताकर कांग्रेस को राहत दे दी है।
बीते लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी एनसीपी 22 तो कांग्रेस शेष 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
सीटों के बंटवारे को लेकर हुई बैठक में एनसीपी की ओर से पार्टी सुप्रीमो शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, अजीत पवार और भास्कर राव जाधव तो कांग्रेस की ओर से रक्षा मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश, मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे ने हिस्सा लिया।
पवार ने बढ़ा दी थी कांग्रेस की मुश्किलें
बैठक के बाद प्रफुल्ल पटेल ने सीटों के तालमेल पर सहमति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान संयुक्त प्रचार के लिए बाद में बैठक होगी।
बीते कुछ दिनों से एनसीपी न केवल कांग्रेस पर सीटों का तालमेल करने में देरी करने का आरोप लगा रही थी, बल्कि पार्टी नेता गुजरात दंगा मामले में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा रहे थे।
तनातनी भरे दौर के बीच ही पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने मोदी से मुलाकात कर कांग्रेस को सकते में डाल दिया था।
लोकसभा चुनाव में सीटों के तालमेल पर सहमति बनने के बाद यह भी साफ हो गया है कि दोनों दल विधानसभा चुनाव भी साथ-साथ लड़ेंगे।
मोदी से मुलाकात पर मचा हंगामा
उल्लेखनीय है कि चुनाव से ठीक पहले एनसीपी के कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले के बाद एकबारगी दोनों दलों में रिश्तों में खटास के संकेत मिल रहे थे।
हालांकि पवार ने दो दिन पूर्व कांग्रेस से ही गठबंधन की घोषणा की थी, मगर उन्होंने खुद मोदी से मुलाकात कर एनसीपी के यूपीए छोड़ने की अटकलों को हवा दे दी थी।
इससे पहले एनसीपी के नेता कभी मोदी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से बेहतर प्रशासक करार दे रहे थे तो कभी सीटों के बंटवारे पर जल्द फैसला न करने का आरोप भी लगा रहे थे।