झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आखिरकार गठबंधन सरकार बनाने और लोकसभा चुनाव मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
कई दौर की बातचीत के बाद झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि कांग्रेस राज्य में सरकार गठन को लेकर उनका समर्थन करेगी। हेमंत सोरेन की अगुवाई में अगले कुछ दिनों में नई सरकार के शपथ लेने की उम्मीद है।
वर्तमान में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। वहीं राज्य में लोकसभा की 14 सीटों पर कांग्रेस को दस और झामुमो के चार सीटों पर चुनाव लड़ने का समझौता हुआ है।
समझौते के मुताबिक झारखंड के अलावा कांग्रेस और झामुमो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ में मिलकर आम चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद के लिए झारखंड में एक भी सीट नहीं छोड़ी है।
कांग्रेस ने हालांकि खुलकर नहीं कहा है कि वह झामुमो के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में शामिल नहीं होगी लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह सरकार में शामिल होगी, जबकि सरकार में उपमुख्यमंत्री पद नहीं रखने की बात कही जा रही है।
नई गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ही बनेंगे। गठबंधन के ऐलान के बाद हेमंत सोरेन राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा करने रांची रवाना हो गए।
झारखंड के प्रभारी कांग्रेस महासचिव बी के हरिप्रसाद ने कहा है कि झामुमो अगर सरकार बनाने का दावा करती है तो वह उसको समर्थन देने के लिए तैयार हैं। वह झामुमो के साथ मिलकर प्रदेश के प्रशासन को चुस्त दुरुस्त कर जनता की समस्याओं का समाधान करेगी।
झामुमो के नेता दिल्ली में कई दिनों से जमे हुए थे, जबकि कांग्रेस कई मुद्दों पर पेंच फंसाकर समझौते को मंजूरी नहीं दे रही थी। लोकसभा चुनाव के लिए जो समझौता हुआ है, उसमें लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल को कोई सीट नहीं दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने झामुमो से कह दिया है कि सरकार उसे बनानी है। इसलिए वह ही राजद से बात करे और अपने हिस्से से ही लोकसभा चुनाव के लिए भी राजद को सीट दे। वह अपने हिस्से की दस सीटों से राजद को कोई सीट नहीं देगा।