कांग्रेस गांधी परिवार के खिलाफ कथित वित्तीय हेर-फेर का आरोप लगाने वाले जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी के खिलाफ मैदान ए जंग में उतर गई है। पार्टी ने आरोपों को आधारहीन और चरित्र हनन की कोशिश बताते हुए स्वामी को अदालत में जाकर इसे साबित करने की चुनौती भी दी है।
स्वामी के खिलाफ कांग्रेस के इस तीखे प्रहार में यूपीए सरकार भी शामिल हो गई है। केंद्रीय मंत्रियों सलमान खुर्शीद से लेकर मनीष तिवारी तक ने जनता पार्टी नेता के आरोपों को राजनीतिक कीचड़ उछालने की कोशिश करार दिया है।
पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक चरित्र हनन के इस घटिया प्रयास के लिए स्वामी के खिलाफ मानहानि समेत तमाम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में राहुल गांधी की ओर से बृहस्पतिवार रात को ही स्वामी को पत्र भेज दिया गया था। मानहानि का नोटिस भेजने के सवाल पर चाको ने कहा कि राहुल का पत्र नोटिस के बराबर ही है।
चाको ने कहा कि इस तरह उटपटांग आरोप लगाने वालों का जवाब देना कांग्रेस जरूरी नहीं समझती। स्वामी के आरोपों को आधारहीन साबित करने के लिए कांग्रेस ने उन्हें इस मामले को अदालत में ले जाने की चुनौती दी। चाको ने कहा कि कंपनी कानून, आयकर विभाग या कंपनी रजिस्ट्रार के यहां इस बारे में जब कोई मामला नहीं है तो फिर स्वामी के आरोपों का आधार क्या है?
स्वामी पर जारी राहुल और कांग्रेस के जवाबी हमले में सरकार की ओर से शामिल होते हुए विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि जब किसी पर कीचड़ ही उछालना हो तो फिर तथ्यों से खिलवाड़ किया ही जाएगा। खुर्शीद ने नेशनल हेराल्ड से जुड़ी कंपनी के सारे काम काम पारदर्शी और साफ-सुथरे तरीके से होते हैं और यह एक गैर लाभकारी कंपनी है। इसलिए स्वामी के आरोपों का एकमात्र मकसद लांछन लगाना है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार के मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि स्वामी का मकसद बदनाम करना है। तिवारी ने कहा कि राजनीति में इस तरह आरोप लगा बदनाम कर आगे बढ़ने की बढ़ती प्रवृति सियासी व्यवस्था के लिए खतरनाक है। वहीं जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने स्वामी को बिगड़ विद्वान बताते हुए उन पर वार किया।