अगले लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के राजनीतिक दलों में बंगाल टाइगर के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अपने-अपने दल में शामिल करने की होड़ लगी हुई है।
पूर्व क्रिकेटर ने रविवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के टिकट पर संसदीय चुनाव लड़ने के प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने गांगुली से उनके आवास पर मुलाकात की है, जबकि माकपा ने दावा किया है कि वह हमेशा से पार्टी के साथ हैं।
गांगुली ने कहा कि हां, उन्हें प्रस्ताव मिला है, लेकिन उन्होंने अब तक कोई फैसला नहीं किया है। खेल के मैदान में अपने जुझारू रवैये को लेकर चर्चित गांगुली ने एक टीवी चैनल से कहा कि यह एक बड़ा फैसला है। उन्हें अभी कई चीजों को पूरा करना है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका इरादा इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की है तो गांगुली ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अभी कुछ नहीं सोचा है।
भाजपा के बाद कांग्रेस पड़ी पीछे
शनिवार को गांगुली को भाजपा की ओर से दिए गए प्रस्ताव की खबर के बाद रविवार दोपहर में भट्टाचार्य ने गांगुली से उनके बेहला स्थित आवास पर मुलाकात की।
हालांकि उन्होंने दावा कि यह एक औपचारिक मुलाकात थी। पूर्व क्रिकेटर को पार्टी में शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर भट्टाचार्य ने कहा कि मुलाकात का इससे कुछ लेना-देना नहीं था।
उधर माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने अगरतला में दावा किया कि गांगुली हमेशा से वाम दलों के आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उन्हें आशा है कि वे पार्टी के साथ बने रहेंगे।