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भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में कांग्रेस की गुगली, मोदी बोल्ड

Tue, 01 Apr 2014 03:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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चुनावी महासमर में एक-दूसरे को पटखनी देने की हरमुमकिन कोशिश को अंजाम दिया जा रहा है। मतदाताओं से सीधे तौर पर मुखातिब होते हुए चुनावी रैलियों में आक्रामक हमले हों या फिर एफबी, ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट से तीर छोड़ना, नेता और दल सब कुछ कर रहे हैं।
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इस बीच बांग्लादेश में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के बढ़िया प्रदर्शन ने चुनावों के बीच लोगों का ध्यान क्रिकेट की ओर खींच लिया है। लेकिन नेता खिलाड़ियों से ज्यादा चतुर हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ जहां क्रिकेटर, सियासत के मैदान में उतर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे नेताजी भी क्रिकेट के मैदान में पहुंचने लगे हैं। ताजा मामला टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप है।
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कांग्रेस ने किया करारा पलटवार

जब टी20 का यह टूर्नामेंट शुरू हुआ, तो सभी निगाहें मैच और भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन पर लगी थीं। लेकिन विकेट गिरने, ओवर खत्म होने और ऐसे दूसरे किसी ब्रेक के बीच में आने वाले विज्ञापनों ने सभी का ध्यान खींचा।

एनिमेटेड करेक्टर की मदद से गढ़े गए ये विज्ञापन सियासी रंग में रंगे थे और भाजपा ने इनके सहारे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला किया। नो चीटिंग, नो भ्रष्टाचार के सहारे जहां कांग्रेस को आड़े हाथों लिया गया, वहीं हंगामा मचाने वालों के खिलाफ आवाज उठाकर केजरीवाल पर निशाना साधा गया।

टी20 वर्ल्ड कप शुरू होते ही कमोबेश हर ब्रेक में भाजपा के इन विज्ञापनों ने जाहिर है विरोधी राजनीतिक दलों को काफी परेशान किया होगा। सो पलटवार की उम्मीद थी और ऐसा हुआ भी। कांग्रेस ने भाजपा के इन विज्ञापनों के जवाब में मैच के बीच में 'हर हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की' वाले विज्ञापन चलाने शुरू किए।

मोदी को बताया बिना टीम वाला कप्तान

लेकिन अब वो एक और कदम आगे बढ़ गई है। भाजपा के इन विज्ञापनों में से एक में अंपायर टॉस के लिए दोनों कप्तानों को बुलाता है। एक कप्तान पहुंचता है, लेकिन दूसरा कप्तान गायब है।

अंपायर और कप्तान एक-दूसरे की तरफ देखते हैं, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिलती। और दूसरा कप्तान नहीं आता। अंत में टैगलाइन आती है, जो इशारा करती है कि बिना कप्तान वाली टीम को वोट देना ठीक नहीं। निशाना कांग्रेस पर है।

इसके जवाब में अब कांग्रेस ने नया दांव खेला है। मैच के बीच में नहीं, बल्कि जारी रहने के दौरान ही बाईं तरफ एक पट्टी आती है, जिसमें लिखा रहता है 'बिना टीम वाले कप्तान को हराएं, टीम कांग्रेस को जिताएं।' और साथ में राहुल गांधी और उनके साथ खड़े कुछ लोगों की तस्वीर रहती है।

कांग्रेस ने पकड़ी मोदी की दुखती रग

यह कांग्रेस पर भाजपा के सिलसिलेवार हमलों का करारा जवाब है। दरअसल, नरेंद्र मोदी यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास ऐसा कोई दमदार और कुशल नेता नहीं, जो देश को सही दिशा ‌में ले जा सके।

दूसरी ओर कांग्रेस ने मोदी पर हमला बोलने के लिए उनकी दुखती रग छेड़ दी है। भाजपा में जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के पार्टी छोड़ने और दूसरे शीर्ष नेताओं को दरकिनार करने को लेकर कांग्रेस ने हमलावर रुख अपना रखा है।

इसकी शुरुआत भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्‍ण आडवाणी से मानी जाती है। और कांग्रेस का कहना है कि मोदी, भाजपा से बड़े हो गए हैं और उनके सामने आडवाणी की भी नहीं चल रही।
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दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं मोदी

दरअसल, पिछले कुछ दिनों में जहां नरेंद्र मोदी, कांग्रेस को विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोस रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल उन पर कार्यप्रणाली को लेकर चोट कर रहा है।

कांग्रेस चाहती है कि मोदी को उस कप्तान की तरह दिखाया जाए, जिसकी पास टीम नहीं है। विज्ञापन में कुछ यही कहा गया है। इससे दो फायदे होंगे। पहला, ऐसा दिखाकर कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि मोदी तानाशाह वाला रुख रखते हैं और दूसरा, इससे भाजपा में फूट पड़ने या मोदी विरोधी खेमे को बल मिल सकता है।

इन दिनों मोदी यूं भी दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं। एक तरफ उन्हें विरोधियों को छकाते हुए अपने दल को जीत के ज्यादा से ज्यादा करीब ले जाना है, वहीं दूसरी तरफ अपनी पार्टी में जारी कलह से निपटना है। ऐसे में कांग्रेस दोनों जगह पंगे लेने के लिए तैयार है।
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