कर्नाटक राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जनता दल सेक्युलर और सत्तारूढ़ भाजपा को पीछे छोड़ दिया।
राज्य में सात नगर निगमों, 43 नगर पालिकाओं, 65 शहरी नगरपालिका परिषदों और 92 शहरी पंचायतों समेत कुल 207 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए सात मार्च को मतदान हुआ था।
करीब 5000 सीटों में से लगभग 4500 वार्डों के घोषित परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने 1800 से भी ज्यादा वार्डों में जीत हासिल की। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी जद (एस) 870 वार्डों में जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। भाजपा 800 के आसपास वार्डों में जीत दर्ज करके तीसरे स्थान पर है।
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की पार्टी कर्नाटक जनता पक्ष ने भी बड़ी पार्टियों का खेल बिगाड़ने काम काम किया। उसने 250 से अधिक वार्डों और भाजपा के पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलु की बीएसआर कांग्रेस ने 77 वार्डों में जीत दर्ज की। इनके अलावा 625 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘यह सभी राजनीतिक दलों के लिए खतरे की घंटी है। कुछ लोगों को इस बात का भ्रम था कि भाजपा का सफाया हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’