पूर्व आईपीएस अधिकारी व सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी का कहना है कि अगर मौजूदा शीतकालीन सत्र में सरकार जन लोकपाल लाने में विफल रहती है, तो आम चुनावों में जनता को उनके खिलाफ वोट करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा कर दी है कि आगामी शनिवार से वह अन्ना हजारे के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगी।
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किरण बेदी ने कहा, ‘मैं हमेशा अपने दिल की आवाज सुनती हूं और मेरा मन कहता है कि अकेले अन्ना अनशन पर बैठें और मैं अनशन न करूं, यह सही नहीं है।
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी भी अपने जीवन में व्रत नहीं रखा। यह पहला मौका होगा, जब मैं व्रत रखूंगी। मगर अन्ना के अनशन ने मुझे बदल दिया है। मुझे सिविल सोसायटी के सदस्य के रूप में उनके साथ जुड़ना चाहिए।’
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यूपीए सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे के समर्थकों को संबोधित करते हुए किरण बेदी ने कहा, ‘हाल के विधानसभा चुनावों में लोगों ने यूपीए सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है। लोगों ने अन्ना आंदोलन से फैली जागरूकता के चलते भ्रष्टाचार मुक्त विकल्प (दिल्ली चुनाव में ‘आप’) चुना है।’
उन्होंने कहा कि उभरती युवा शक्ति भारत की जिद्दी राजनीति को लोकतांत्रिक रास्ते पर ला देगी। किरण बेदी ने कहा कि देश जानना चाहता है कि विपक्षी पार्टियां जन लोकपाल के मुद्दे पर क्यों चुप्पी साधे हुई हैं। जबकि इसमें भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र पैनल की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘सरकार को लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। अगर वह ऐसा करती है तो उसे आगामी चुनावों में उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’