आगरा से लखनऊ तक बनने वाले एक्सप्रेसवे परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई पीपीपी मानिटरिंग कमेटी ने अंतिम कॉन्सेप्ट रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट में यह विकल्प रखा गया है कि इस प्रोजेक्ट का या तो एक साथ विकास करने के लिए डेवलपर का चयन किया जाए या प्रोजेक्ट को तीन हिस्सों में बांट कर अलग-अलग उसका विकास कराया जाए।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कमेटी ने इस रिपोर्ट को मंजूर कर लिया। यह तय हुआ कि इस एक्सप्रेसवे की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के लिए प्रोजेक्ट कन्सलटेंट के चयन का काम किया जाएगा। इसके लिए आरएफक्यू (रिक्वेस्ट फार क्वालीफिकेशन) एवं आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) एक हफ्ते में मांगे जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग सं. दो पर एक फ्लाईओवर व इंटरचेंज बनेगा। नेशनल हाइवे 2 आगरा को कानपुर से इटावा होता हुआ जोड़ता है, जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे आगरा को लखनऊ से सीधे जोड़ेगा। रिपोर्ट में प्रावधान है कि एक्सप्रेसवे पर चार डेवलपमेंट सेंटर बनेंगे। इनमें कृषि मंडियां, माल गोदाम, खाद्य-प्रसंस्करण इकाईयां, शीतगृह, औद्योगिक केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनेंगे। इसके लिए बंजर जमीन ली जाएगी।
अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि विकास केंद्रों को विकसित करने के लिए स्थानों का चयन अभी अस्थाई तौर पर किया गया है। विस्तृत रिपोर्ट बनने पर उसमें बदलाव हो सकता है। बैठक में कन्सलटेंट संस्था रेडिकान इंडिया के प्रतिनिधियों के अलावा, यूपीडा के सीईओ मुकुल सिंघल, सचिव कौशल राज शर्मा, विशेष सचिव रोशन जैकब व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
एक्सप्रेसवे के रास्ते बनेंगे चार विकास केंद्र
-कांच नगरी, फिरोजाबाद
-प्रगति नगर, करहल-सैफई के निकट
-खुशबू नगर, कन्नौज
-खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, मलिहाबाद
बनेंगे चार लिंक रोड
-आगरा लिंक रोड, 8.67 किमी
-फिरोजाबाद लिंक रोड, 15.01 किमी
-कन्नौज लिंक रोड, 26 किमी
-लखनऊ लिंक रोड, 13.86 किमी
एक्सप्रेसवे की खास बातें
-पीपीपी माडल पर 10,435 करोड़ की लागत से बनेगा एक्सप्रेस वे
-आगरा से लखनऊ तक यह 270 किमी लंबा होगा
-आगरा की प्रस्तावित रिंग रोड से शुरू होकर लखनऊ की रिंग रोड पर खत्म होगा
-आगरा से लखनऊ की दूरी सात घंटे के बजाए तीन घंटे में तय होगी