प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने समूचे मंत्रिमंडल को आर्थिक सुधारों की गाड़ी रफ्तार के साथ दौड़ाने के निर्देश दिए हैं। यूपीए सरकार के अब तक के सबसे बड़े कैबिनेट फेरबदल के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे को एजेंडे में सबसे ऊपर रखने की बात कही है। साथ ही पुराने मंत्रियों से नए साथियों को काम देने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री ने अपने सहयोगियों के सामने 2014 के चुनावी मिशन का एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। साथ ही बचे हुए समय में अधूरा लक्ष्य पाने की नसीहत भी दी है।
आर्थिक सुधारों के कदमों को लेकर जन विरोध की याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने सहयोगियों को जता दिया है कि राष्ट्रनिर्माण की बात भूली नहीं जा सकती और इसके लिए खुद की जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। नई टीम बनाने के बाद प्रधानमंत्री अब पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गए हैं। लिहाजा, भ्रष्टाचार और महंगाई की वजह से जनता का खोया विश्वास दुबारा हासिल करने के मंत्र अब मनमोहन सिंह अपने साथी मंत्रियों को देने में जुट गए हैं।
आर्थिक विकास की रफ्तार को बढ़ाने के साथ ही देश के बुनियादी और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने पर प्रधानमंत्री ने पूरा जोर दिया। मंत्रिमंडल की बैठक में उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में बुनियादी ढांचे के विकास को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हुए दस लाख डॉलर निवेश का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस बार राज्यमंत्रियों की पीड़ा का खास ध्यान रखा। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों से खुलकर कहा कि वे राज्यमंत्रियों को काम दें।
उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद में कई युवा और ऊर्जावान लोग शामिल हुए हैं। इनकी क्षमताओं का पूरा उपयोग किया जाए। मनमोहन ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि जो समय बचा है, उसी के भीतर मंत्रिपरिषद का हर सदस्य अधूरे लक्ष्य को पूरा करने के सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। प्रधानमंत्री ने वैश्विक आर्थिक संकट का हवाला देते हुए विकास दर घटने की बात कही। साथ ही निर्यात में गिरावट के चलते राजकोषीय घाटा बढ़ने पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, यूआईडी, जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन समेत कई योजनाओं का जिक्र करते हुए यूपीए सरकार के कामकाज की तारीफ भी की।