उन्नाव में अजगैन थाना क्षेत्र के जनसार ग्राम पंचायत के कैथनखेड़ा गांव में रविवार रात मिट्टी का तेल डालकर जलाए गए अधेड़ की सोमवार देर रात कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसके बाद गांव में शांतिपूर्ण तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि गांव के लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन हर आने जाने वाले पर निगाह रखी जा रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
मालूम हो कि रविवार रात शौच के लिए जाते समय कैथनखेड़ा गांव निवासी रामसेवक वर्मा (48) पर कुछ लोगों ने मिट्टी का तेल उड़ेल कर आग लगा दी थी। गंभीरावस्था में उन्हें कानपुर स्थित हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार रात उनकी मौत हो गई।
इस मामले में मृतक के बेटे ने संजय वर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उसके पड़ोस के रहने वाले कालीचरण, पप्पू और फत्ते ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मिट्टी का तेल डालकर अधेड़ को जलाया
अजगैन कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि अभी तक तीनों के खिलाफ आग लगाकर जान से मारने के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज किया गया था, लेकिन रामसेवक की इलाज के दौरान मौत होने पर हत्या की धाराओं में तरमीम किया जाएगा।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। दूसरी तरफ मंगलवार को गांव में सन्नाटा रहा। हर कोई अपने घर में कैद नजर आए। यहां तक की आसपास के खेतों में भी ग्रामीण नहीं गए। रामसेवक के घर पर ढांढस बंधाने वाले मौजूद रहे। उनके परिजनों की करुण क्रंदन सुन कर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो जा रही थी।
हर कोई अपना-अपना तर्क दे रहा था। कोई कहता कि पुलिस की निष्क्रियता की वजह से घटना घटी तो कोई आरोपियों की दबंगई की दुहाई देता। रामसेवक के घर के सामने आटा चक्की चलाने वाले प्रेम वर्मा से बात की गयी तो उसने बताया कि रविवार रात करीब नौ बजे काम के बाद जब वह बाहर निकला तो देखा रामसेवक आग की लपटों से घिरा है।
आग बुझाने की कोशिश की। जिसमें खुद भी झुलस गया। कुछ ही देर में रामसेवक के परिजन आ गये और उसे लेकर अस्पताल चले गये। आग लगने के कारणों को वह नहीं बता पाया।
अप्रैल में भी हुआ था विवाद
मृतक के बेटे संजय वर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल को उसकी भैंस कालीचरण के खेत में चली गयी थीं। इसी बात को लेकर कालीचरण व पप्पू ने उसकी व उसके पिता रामसेवक की पिटाई कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की थी। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उसने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिनों पहले कालीचरण व पप्पू ने उसकी बहन के साथ छेडख़ानी भी कर दी थी।
इस मामले की भी अजगैन थाने में शिकायत की गई, लेकिन इस प्रकरण में भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस वजह से आरोपियों के हौंसले बुलंद रहे और उन्होंने दो जुलाई को दोबारा छेड़खानी कर दी। इस पर रामसेवक ने आईजी लखनऊ से लिखित शिकायत करते हुये आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। जिसका नतीजा रहा कि उन्होंने उसके पिता रामसेवक को जिंदा जला दिया।
आरोपी की बहन ने लगाया पेशबंदी का आरोप
अजगैन। रामसेवक पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने के आरोपी कालीचरण व पप्पू की बहन शालिनी ने कहा कि उसका घर आधा पक्का व आधा कच्चा है। जिस ओर कच्चपा निर्माण है उसी तरफ रामसेवक का खेत है।
खेत की मेड कटाई से उसकी एक तरफ की दीवाल बार-बार गिर रही थी। जिसकारण उसके भाइयों ने रामसेवक को मेड कटाई से रोका था। जिसे लेकर विवाद भी हुआ। शालिनी का आरोप है कि रामसेवक का अपनी पत्नी व बेटी से अक्सर विवाद होता था। रविवार रात भी विवाद हुआ और इसके बाद उसने खुद मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।