उत्तर प्रदेश के फैजाबाद शहर में बवाल व आगजनी साजिश का शक पैदा करती है। हालांकि सब कुछ सुनियोजित साजिश के तहत हुआ या यह महज एक हादसा था, अभी यह तय नहीं है। हालात की खबर पर मौके की हकीकत जानने एडीजी इंटेलीजेंस ओपी सिंह व आईजी जोन लखनऊ सुभाष चंद्र जिले के दौरे पर आए हैं। चौक समेत कई इलाकों का दौरा कर हकीकत समझने की कोशिश की है।
मामले में कुछ अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। जिले के पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना के हर पहलू की समीक्षा की जाएगी। दुकानों-प्रतिष्ठानों में हुई आगजनी व नुकसान की वीडियोग्राफी कराई गई है। क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
हिंसा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार: विपक्ष
विपक्ष ने ऐसी घटनाओं के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। फैजाबाद के सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने फैजाबाद में हुए बवाल के पीछे खुफिया तंत्र की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने इन घटनाओं के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताते हुए सभी घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग की है।
फैजाबाद जाते समय रोके गए विनय कटियार
फैजाबाद जाते समय भाजपा सांसद विनय कटियार को लखनऊ-बाराबंकी सीमा पर पुलिस ने रोक लिया। उन्हें करीब दो बजे मोहम्मदपुर चौकी के पास रोका गया और ढाई घंटे तक सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रखा गया। इसके बाद वे लखनऊ वापस चले गए। कटियार ने कहा कि फैजाबाद में सुनियोजित ढंग से दंगा कराया गया। जगह-जगह उपद्रव हुए और प्रशासन नाम की चीज नहीं थी।
पुलिस अफसरों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
फैजाबाद में हुए संघर्ष के मामले में वहां के एडीएम सिटी के निलंबन के बाद अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। बृहस्पतिवार देर शाम आला अफसरों की बैठक में विमर्श किया गया। इसमें जिले में तैनात पुलिस अफसरों की संघर्ष के दौरान सक्रियता व उनकी भूमिका तय की जा रही थी। जानकार कहते हैं कि जल्द यहां कुछ और पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।