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केजरीवाल के खुलासे ने दिलाई कमांडो की पेंशन

Fri, 23 Nov 2012 07:50 AM IST
अमित सरन/इलाहाबाद
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मुंबई में आतंकवादी हमले के खिलाफ एनएसजी कमांडो की कार्रवाई में शामिल रहे लांस नायक सुरेंद्र सिंह की पेंशन काफी देर से बनी। इसमें रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) कार्यालय इलाहाबाद की गड़बड़ी थी या सेना ने ही सीडीए पेंशन को देर से रिकार्ड उपलब्ध कराए, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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लेकिन यह बात सामने आ गई है कि सुरेंद्र की पेंशन से जुड़े दस्तावेज सीडीए पेंशन इलाहाबाद से नौ नंवबर को रिकार्ड ऑफिस डिस्पैच किए गए। जब पेंशन से जुड़े कागज ही देर से डिस्पैच हुए तो सुरेंद्र को समय से पेंशन मिलना संभव नहीं था।

इसी वजह से सुरेंद्र को पेंशन संबंधी अन्य लाभ मिलने में भी देर हुई। अरविंद केजरीवाल के इस खुलासे के बाद सीडीए पेंशन कार्यालय इलाहाबाद में हड़कंप मच गया और इस बारे में तत्काल एक रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को फैक्स के माध्यम से भेजी गई।
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नियमत: किसी भी कर्मचारी के रिटायर होने वाले दिन उसकी पेंशन से जुड़े दस्तावेज तैयार हो जाने चाहिए और रिटायरमेंट के अगले माह के आखिरी सप्ताह तक पहली पेंशन उसके खाते में आ जानी चाहिए। साथ ही रिटायरमेंट से दो-तीन दिनों के भीतर पेंशनर को ग्रेच्युटी, पेंशन सारांशीकरण सहित पेंशन संबंधी सभी लाभ भी मिल जाने चाहिए लेकिन लांस नायक सुरेंद्र सिंह के मामले में ऐसा नहीं हुआ। सुरेंद्र की पेंशन से संबंधित दस्तावेज नौ नवंबर को रिकार्ड ऑफिस को डिस्पैच किए गए।

रिकार्ड ऑफिस से दस्तावेज बैंक को भेजे जाएंगे और उसके बाद बैंक के जरिये पेंशन का भुगतान शुरू किया जाएगा। सीडीए पेंशन के सूत्रों ने बताया कि अरविंद केजरीवाल के खुलासे के बाद रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय (नई दिल्ली) से सुरेंद्र की पेंशन से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांग ली गई। सीडीए पेंशन इलाहाबाद में दोपहर में दस्तावेजों की खोजबीन शुरू कर दी गई। पूरे दफ्तर में खलबली मच गई। कुछ ही देर में सभी जरूरी कागजात इकट्ठे कर फैक्स के जरिये रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई।

केजरीवाल के खुलासे से मचे हड़कंप के बाद हो सकता है कि सुरेंद्र को दिसंबर से डिसएबिलिटी पेंशन का भुगतान शुरू कर दिया जाए। ग्रेच्युटी और पेंशन के सारांशीकरण से संबंधित भुगतान भी हो जाए लेकिन सुरेंद्र का यह दावा सही निकला कि उन्हें 13 माह से पेंशन नहीं मिल रही है। इस बारे में जब एडिशनल सीडीए मौलीसेन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा कि रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।
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