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दिग्विजय-अमृता की शादी पर सोशल मीडिया में हो रही छींटाकशी

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सीनियर पत्रकार अमृता राय और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की शादी की खबर सामने आई तो सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का अंबार लग गया।
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सोशल मीडिया पर आई टिप्पणियों को खंगालने पर कुछ सवाल सामने आए। मसलन- किसी से मोहब्ब्त हो तो शादी करना जरूरी है? शादी करने की क्या कोई सही उम्र है?

शादी करनेवाले पुरुष और औरत की उम्र में कितना अंतर होना चाहिए? शादी ना करना गलत विकल्प है? सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का जायजा ले रही हैं बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य।

तो क्या ये शादी सही होती

उम्र में फर्क कम होता तो ये शादी सही थी? इस रिश्ते से कई पाठकों को सबसे बडी दिक्कत यही है। पति-पत्नी के बीच 4-5 साल का फर्क हो तो ठीक है, 7-8 साल भी मान्य है, पर 20 साल से ज्यादा बर्दाश्त नहीं।

अव्वल तो मोहब्बत किसी भी उम्र में हो सकती है। उसे शादी की औपचारिक शक्ल देना भी किसी सामाजिक कायदे के दबाव में किया गया नहीं बल्कि मोहब्बत करनेवालों का निजी फैसला होना चाहिए।

क्या अपनी मर्जी से शादी करना समाज में असभ्यता फैलाना है? या किसी दंपत्ति की उम्र के फर्क के आधार पर उनकी निजी जिंदगी पर कीचड उछालना अशिष्टता है?कानूनन अपने पहले रिश्ते से तलाक लेकर अलग होने, या पति/पत्नी की मृत्यु के बाद दोबारा कोई रिश्ता बनाना वैधानिक है।

क्या ऐसा करना आपको कबूल होगा?

पति-पत्नी अपने-अपने परिवार की ओर अपनी जिम्मेदारियां कैसे पूरी करेंगे या एक-दूसरे की संपत्ति पर किसका कितना हक होगा, ये उनकी जिंदगी के निजी मसले हैं। ऐसी निजी बातों पर अमृता राय ने अपनी फेसबुक पोस्ट में सफाई दी, क्या आपको ऐसा करना कबूल होगा?

क्या आपके नहीं लगता कि प्यार की बुनियाद पर बने रिश्ते समाज को बल देते हैं? और झूठे दिखावे के लिए चलाए जा रहे रिश्तों से परिवार, व्यक्ति और समाज सभी खोखले और कमजोर होते हैं?राहुल गांधी को दिग्विजय सिंह से सीख लेकर, शर्मिंदा हो, जल्दी शादी करनी चाहिए?

कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की उम्र 40 पार कर गई है और सार्वजनिक तौर पर उनके किसी रिश्ते या शादी के बारे में कभी कोई जानकारी सामने नहीं आई।राहुल गांधी कब, किससे शादी करते हैं या शादी करते ही नहीं, ये उनका निजी फैसला है।
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कुछ ऐसे भी हैं!

लेकिन वो एक सार्वजनिक हस्ती हैं इसलिए लोगों में इसका कौतूहल होना सहज माना जा सकता है। पर जिज्ञासा में ढांप कर की गई ये टिप्पणियां राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों के अपनी जिंदगी के निजी फैसले लेने की काबिलियत का मजाक उडाती हैं।

इस सबके बीच कुछ एक टिप्पणियां ऐसी भी हैं जो एक सहज सोच को दर्शाती हैं। बल्कि अमृता राय के अपने फेसबुक पन्ने पर की गईं सभी टिप्पणियां उनकी हौसला-अफजाई ही करती हैं।

अमृता ने फेसबुक के जरिए शादी की जानकारी देते हुए भी ये बताया कि पिछले डेढ साल का दौर उनके लिए बहुत मुश्किल रहा।

अप्रैल 2014 में अमृता राय और दिग्विजय सिंह की निजी तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद से ही उनका रिश्ता चर्चा में आया।तब भी ऐसी ही प्रतिक्रियाएं आईं थीं, और राय और सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपने रिश्ते पर सफाई पेश की थी।

सफाई देने का ये सिलसिला कब तक चलेगा? इक्कीसवीं सदी के भारत में अपनी पसंद से रिश्ते बनाने पर कब तक सवाल उठेंगे और कीचड उछाला जाएगा? क्या आप खुद जवाब देने वाले की जगह होना पसंद करेंगे?
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