बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी के लिए शोहरत बटोरने वाले राजपाल यादव पर कानून का डंडा बरस गया है। उन्हें दस दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है।
राजपाल यादव पर 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा मुकदमा चल रहा था। इसी मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पांच करोड़ रुपए का लिया हुआ ऋण वापस न करने के मामले में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा का सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में भी फिल्मी ड्रामा चला था।
पेशी पर पहुंचे राजपाल खुद तो अदालत में पहुंचे लेकिन पत्नी नहीं आई। अदालत ने नाराजगी जताई तो पत्नी को लाने के बहाने निकले राजपाल भी रफूचक्कर हो गए।
यह ड्रामा न्यायमूर्ति एस मुरलीधर की अदालत में हुआ। अपनी फिल्म अता-पता-लापता के निर्माण के लिए राजपाल ने मुरली प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से वर्ष 2010 में पांच करोड़ रुपए का ऋण लिया था, लेकिन अब तक लौटाया नहीं।
राजपाल ने अदालत को पहले आश्वस्त किया था कि वह यह राशि ब्याज सहित वापस कर देंगे। मगर, पैसे वापस नहीं किए। सोमवार सुबह राजपाल अपने वकीलों के साथ अदालत में पेश हुए।
अदालत के पूछने पर अधिवक्ता ने कहा राजपाल की पत्नी राधा बाहर बच्चे के साथ हैं। अदालत ने कहा बच्चे को राजपाल संभाल लेंगे, राधा को कोर्ट में पेश किया जाए।
उनके वकीलों ने फिर कहा राधा कोर्ट के बाहर नहीं बल्कि पास के होटल में हैं। अदालत ने अधिवक्ता और राजपाल को फटकार लगाते हुए लंच के बाद सभी को पेश होने का निर्देश दिया।
दोपहर 2.15 बजे राजपाल अदालत नहीं पहुंचे। उनके अधिवक्ता ने माफी मांगते हुए बताया कि राधा गाजियाबाद चली गई है। जज ने फटकार लगाते हुए कहा यह अदालत है। दोनों को साढ़े तीन बजे तक बुलाओ।
साढ़े तीन बजे भी राजपाल और राधा पेश नहीं हुए। अदालत ने अधिवक्ता से कहा कि उनके मुवक्किल ने शपथ पत्र देकर भी पैसे नहीं दिए। यह सरासर अदालत की अवमानना है।
अदालत ने कहा राजपाल और राधा की पेशी सुनिश्चित करने को वे उनकी गिरफ्तारी वारंट जारी कर रहे हैं।
इतना सुनते ही अधिवक्ता ने राजपाल और राधा की तरफ से बिना शर्त माफी मांगते हुए एक मौका देने की गुजारिश की।
अदालत ने दोनों को मंगलवार को पेश करने का निर्देश दिया।