सीबीआई ने कोयला खदानों के आवंटन में हुई कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में प्रधानमंत्री मनमोहन के सलाहकार टी के ए नैयर से पूछताछ की है। उनसे तालाबीरा में हिंडाल्को को कोयला खदान आवंटित करने के सिलसिले में सवाल पूछे गए।
कोयला मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी ने इसे रद्द कर दिया था। सीबीआई अगले सप्ताह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। सूत्रों के अनुसार, नैयर को इस सिलसिले में एक विस्तृत प्रश्नावली भेजी गई थी। उन्होंने इसका जवाब दे दिया है।
इस प्रश्नावली में 2006 से 2009 के बीच कोयला खदान आवंटन और कोयला नीति से जुड़े सवाल थे। इस दौरान कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही था। नैयर से पूछा गया कि कोयला खदानों की नीलामी में देर क्यों हुआ।
उनसे कोयला मंत्रालय से गायब हुई फाइलों और उन घटनाक्रमों के बारे में भी पूछा गया, जिनकी बदौलत हिंडाल्को को तालाबीरा की खदानें मिली थीं। इस मामले में तत्कालीन कोयला सचिव पी सी पारेख और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम् बिड़ला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सीबीआई अब नैयर के जवाबों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देगी। एजेंसी नैयर के अलावा पीएमओ के दो और पूर्व अधिकारियों विनी महाजन और आशीष गुप्ता से पूछताछ कर चुकी है। ये दोनों 2006 से 2009 के बीच पीएमओ में तैनात थे।