भारत सरकार के केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में देरी की वजह से शीतल पेय कंपनी हिंदुस्तान कोकाकोला ने यहां मेहंदीगंज में प्रस्तावित नई उत्पादन इकाई की स्थापना से हाथ पीछे खींच लिया है। कंपनी ने अब यूपी के दूसरे शहर में यह प्लांट लगाने का फैसला किया है। दो-तीन दिन के अंदर ही उस स्थान का ऐलान हो जाने की उम्मीद है जहां कोकाकोला का यह प्लांट लगेगा।
हिंदुस्तान कोकाकोला के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफे यर्स एंड कम्युनिकेशन) कल्याण रंजन के अनुसार कोकाकोला का यह प्रोजेक्ट 145 करोड़ रुपये का था। प्लास्टिक की बोतल वाले इस प्लांट में प्रति मिनट 600 बोतल बनतीं। बताया कि इससे बनारस के सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलता मगर कंपनी ने बनारस के प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया है। अब यह प्रोजेक्ट यूपी के दूसरे शहर में लगेगा। स्थान का चयन दो-तीन दिन में हो जाएगा।
रंजन ने बताया अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने में देरी की वजह से कंपनी को वित्तीय नुकसान भी हुआ है। मालूम हो कि कोकाकोला प्लांट द्वारा भूगर्भ जल दोहन से नाराज होकर स्थानीय ग्रामीणों ने पिछले दिनों जबरदस्त आंदोलन किया था। ग्रामीणों का आरोप था कि जब से यहां प्लांट लगा है खेत से लेकर कुएं तक सूख गए। आसपास का पूरा इलाका डार्क जोन में बदल गया। चर्चा है कि किसानों के विरोध को देखते हुए ही केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण ने हिंदुस्तान कोकाकोला को एनओसी नहीं दी।