आम तौर पर अदालत में वादी-प्रतिवादी नजर आते हैं या पुलिसवालों की फौज। लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट में जब यह घुसा, तो अफरा-तफरी मच गई। जिसे जहां जगह दिखी, वहां छिप गया। लेकिन यह किसी मुकदमे की वजह से नहीं, बल्कि खास काम से आया था।
साढ़े पांच फीट से ज्यादा लंबा कोबरा जब अदालत परिसर में दिखा, तो वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए। लेकिन कोबरा ने ग्राउंड फ्लोर पर बनी कैंटीन का रुख किया, जहां उसे अपनी केंचुली उतारने के लिए बढ़िया जगह मिली थी।
अदालत के एक अधिकारी ने दोपहर में इसे देखा था और संबंधित विभाग को सूचित किया। जल्द ही वहां राहत दल आया, लेकिन बहुत कोशिशों के बावजूद इस कोबरा को खोज नहीं सका।
सर्प विशेषज्ञ समीर और यूसुफ को शाम करीब 4 बजे फिर कोबरा दिखा। लेकिन कोबरा को भी इस बात का इल्म था। उसने खतरा बढ़ता देख केबल डालने वाली पाइप के भीतर जाने का फैसला किया।
इसे यहां से निकालने के लिए वाटर जेट का इस्तेमाल किया गया। लेकिन एक बार फिर जीत कोबरा की हुई। वहां मौजूद लोगों ने बाद में यह निष्कर्ष निकाला कि वह पाइप के जरिए समीप के कुबोन पार्क में भागने में कामयाब रहा।
कोबरा के आने से वकीलों और आम लोगों में जो खलबली मची थी, वह देर तक जारी रही। बाद में सभी लोग कोबरा की केंचुली को देखकर फरार हुए 'अपराधी' की चर्चा करते रहे।