कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित फाइलों के गायब होने के मसले पर संसद में हंगामा बरपा हुआ है।
सीबीआई और कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के दावों के उलट कोयला मंत्रालय का कहना है कि कोलगेट से संबंधित सभी दस्तावेज पहले से ही जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं। मंत्रालय ने यह जानकारी एनजीओ ग्रीनपीस और एक वकील की आरटीआई के जवाब में दी है।
ग्रीनपीस की आरटीआई के जवाब में कोयला मंत्रालय ने कहा है कि कोल ब्लॉक हासिल करने वाली कंपनियों के आवेदनों की वास्तविक कॉपियां अनुबंध के साथ सीबीआई की कस्टडी में हैं।
ग्रीनपीस का कहना है कि उसे कोयला मंत्रालय से 4 अक्तूबर 2012 और 28 फरवरी को दो आरटीआई का जवाब मिला है। दोनों ही बार कोयला मंत्रालय ने दावा किया कि वर्ष 1993 से 2012 के बीच आवंटित कोल ब्लॉक से संबंधित सभी फाइलें सीबीआई के पास हैं।
एनजीओ ने साथ ही यह भी बताया कि पर्यावरण मंत्रालय से 28 दिसंबर 2011 को एक अन्य आरटीआई पर मिले जवाब में कहा गया है कि महान कोल ब्लॉक से संबंधित फाइलों का कोई सुराग नहीं लग रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि महान और अमेलिया कोल माइन प्रोजेक्ट की फाइलें विज्ञान भवन आरके पुरम नई दिल्ली में रखी थी। हालांकि केवल महान कोल ब्लॉक की फाइल ही गायब है, जिसका कोई पता नहीं लग रहा है।
ग्रीनपीस ने आरोप लगाया कि सीबीआई द्वारा की जा रही कोलगेट घोटाले की जांच में महान कोल ब्लॉक का भी नाम आया है। वकील विवेक गर्ग के आरटीआई के जवाब में भी कोयला मंत्रालय ने यही जवाब दिया है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने कहा है कि उसे कोलगेट मामले की जांच के कई फाइलें नहीं मिल रही है, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।
वहीं दूसरी ओर कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल खुद स्वीकार कर चुके हैं कि कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित कई फाइलें गायब हैं।
संसद में अपने जवाब में जायसवाल ने हाल ही में कहा था कि गायब फाइलों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
कोल फाइल मामले पर कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक
कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित गायब फाइलों के मसले पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बुधवार को चर्चा की। इस मामले को लेकर संसद में केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर हैं।
कांग्रेस कोर ग्रुप ने बैठक में विपक्ष की रणनीति से निपटने पर मंथन किया। साथ ही बैठक में मौजूद नेताओं को बताया गया कि गायब ज्यादातर फाइलों का पता लगा लिया गया और अब मात्र 8 फाइलों की ही खोज नहीं हो पाई है।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने गायब फाइलों के मसले पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान कानून मंत्री कपिल सिब्बल भी उपस्थित थे। बैठक में यह निर्णय संसद में विपक्ष के हमले से निपटने के तरीके पर भी चर्चा हुई।