हजारों करोड़ रुपए के कोलगेट मामले पर लीपापोती शुरू हो गई है। इस मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइल गायब हो गई हैं।
केवल यही नहीं, इस मामले पर कांग्रेस सांसद विजय दर्डा का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखा महत्वपूर्ण पत्र भी नहीं मिल रहा।
1993 से 2005 के बीच करीब 45 कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया था। जिन कंपनियों को कोल ब्लॉक दिए गए, उन कंपनियों के जरूरी दस्तावेज गायब हो चुके हैं।
उन 157 कंपनियों के रिकॉर्ड भी गायब हो गए हैं, जिन्होंने कोल ब्लॉक आवंटन के लिए आवेदन किया था। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से जुड़े अहम दस्तावेज भी गायब हैं।
द हिंदू के मुताबिक 16 जुलाई और 29 जुलाई को हुई सर्च कमेटी की बैठक के मिनट्स के मुताबिक अधिकारियों को कांग्रेस सांसद विजय दर्डा की चिट्ठी नहीं मिल रही है, जो उन्होंने कोल ब्लॉक आवंटन के लिए प्रधानमंत्री को लिखी थी।
सांसद ने एएमआर आयरन एंड स्टील लिमिटेड को कोल ब्लॉक आवंटन करने के लिए यह पत्र लिखा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने सर्च कमेटी का गठन किया है, जिस पर सीबीआई को कोल ब्लॉक से संबंधित सभी जरूरी कागजात उपलब्ध कराने का जिम्मा है।
सीबीआई इस सिलसिले में कांग्रेस सांसद विजय दर्डा के घर छापा मार चुकी है। मामला भी दर्ज कर लिया गया है।