कोयला घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए
भारतीय जनता युवा मोर्चा के तेवर मुखर होने लगे हैं। चंडीगढ़ के बाद अब
गुड़गांव में सैकड़ों की तादाद में भाजयुमो कार्यकर्ता थाने पहुंचे और सिटी
थाना प्रभारी से प्रधानमंत्री को कोयला घोटाले का मुख्य आरोपी बनाकर मामला
दर्ज करने की शिकायत दी। शिकायत में कोयला घोटाले को राष्ट्रीय लूट करार
देकर भाजयुमो ने कहा कि राजनैतिक, प्रशासनिक और निजी तौर पर इसके लिए
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिम्मेदार हैं।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने टायर आदि जलाकर रोष प्रकट किया।
भाजयुमो के अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन की
प्रक्रिया 2004 में शुरू की गई थी। अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए
ब्लॉक आवंटन में पूरे आठ साल का समय सरकार ने लगाया।
इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह स्वयं कोयला मंत्रालय का कार्यभार संभाल
रहे थे। इस अवसर पर महामंत्री मनोज शर्मा, अनिल गंडास, रणधीर यादव, महेश
चौहान, समय भाटी, मनीष वजीराबाद आदि ने भी प्रधानमंत्री को घोटाले का मुख्य
दोषी करार दिया।
इससे पहले बीते दिन मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की अगुवाई
में सैकड़ों युवाओं ने चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय सेक्टर-33 से सेक्टर-34
पुलिस चौकी तक पदयात्रा की तथा थाना इंचार्ज को कोयला घोटाले में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संलिप्तता को लेकर शिकायत दर्ज करवाई एवं
एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
युवा मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत के नियंत्रक
एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) जो कि स्थायी संस्था है, के द्वारा प्रस्तुत
की गई रिपोर्ट से सीधे तौर पर स्पष्ट हुआ है कि मनमोहन सिंह के कोयला
मंत्रालय का कार्यभार सम्भालते हुए मनमाने ढंग से 142 कोल ब्लॉक आवंटित हुए
हैं। इससे राष्ट्रीय राजकोष को 1,86,000 करोड़ रुपए का नुकसान पंहुचा है।
कोल ब्लाक्स आवंटन में गलत प्रक्रिया अपना तथा अपनों का फायदा पंहुचाया
गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि हाल ही में उजागर हुए कोयले
घोटाले ने तो अभी तक के सभी घोटालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं तथा इसको
अंजाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास कोयला मंत्रालय की जिम्मेवारी के
रहते दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोयले घोटाले
की नैतिक व राजनीतिक जिम्मेवारी लेते हुए त्यागपत्र दें।